Tuesday, March 10, 2026
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वॉरगेम में किम की जोरदार एंट्री होने वाली है, जमीन के नीचे भर दिया इतना बारूद की…

पश्चिमी एशिया जंग की आग में सुलग रहा है। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच 10 दिन से घमासान जारी है। ईरान दो मोर्चों पर जंग लड़ रहा है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। लेकिन पश्चिमी एशिया में सुलग रही आग की चिंगारी अब पूर्वी एशिया तक भी पहुंचने वाली है। इस फ्रंट पर अगर जंग हुई तो अमेरिका ही नहीं दुनिया के कई देशों में विनाशकारी तबाही आ जाएगी। क्योंकि वॉर के एक फ्रंट पर नॉर्थ कोरिया का तानाशाह किम जोंग उन होगा। तो दूसरे फ्रंट पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप किम जोंग उनकी सनक से पूरी दुनिया खौफ में रहती है। ईरान युद्ध से किम जोंग उन अब तक दूर है। लेकिन इस बार अमेरिका ने किम को छेड़ने की गुस्ताखी कर दी। और इतना ही नहीं अमेरिका ने सनकी तानाशाह की उस चेतावनी को भी नजरअंदाज किया है जिसमें उसने साफ कर दिया था कि अगर नॉर्थ कोरिया की सुरक्षा से खिलवाड़ हुई तो वह साउथ कोरिया को तबाह करेगा। बावजूद इसके अमेरिकी आर्मी नॉर्थ कोरिया के करीब पहुंच चुकी है।

साउथ कोरिया में अमेरिकी आर्मी का युद्ध अभ्यास चल रहा है। अमेरिका साउथ कोरिया की आर्मी ड्रिल में शामिल। यूएनएससी के 12 सदस्य देशों के सैनिक भी ड्रिल का हिस्सा है। किम जंग उनकी चेतावनी के बावजूद अभ्यास चल रहा है। 11 दिन तक नॉर्थ कोरिया के पास अभ्यास जारी है। 11 दिन से यह अभ्यास चल रहा है। पिछले महीने ही अमेरिका और साउथ कोरिया की ओर से इस एक्सरसाइज का ऐलान किया गया था। जिसमें साफ कहा गया था कि इस ड्रिल का मकसद नॉर्थ कोरिया के परमाणु कार्यक्रम के विस्तार पर रोक लगाना होगा। यानी अभ्यास की शुरुआत में ही अमेरिका ने साउथ कोरिया धरती से तानाशाह को सीधी चुनौती दी थी। ऐसे में तानाशाह किम जोंग उनकी की ओर से भी पलटवार किया गया था और साफ शब्दों में साउथ कोरिया को तबाह करने की धमकी किम जोंग उन ने दी थी। ऐसे में अमेरिका साउथ कोरिया की ये ड्रिल अब शुरू हो चुकी है।

साउथ कोरिया में अमेरिकी आर्मी की एंट्री और वहां चल रहे युद्धाभ्यास को समझाने से पहले आपको बताता हूं कि साउथ कोरिया और नॉर्थ कोरिया के बीच बॉर्डर के हालात कैसे हैं और क्यों इन दोनों देशों की सरहद पर हमेशा हमेशा तनाव रहता है। साउथ कोरिया और नॉर्थ कोरिया की बॉर्डर दुनिया की भारी हथियारों से लेस सबसे सुरक्षित बॉर्डर मानी जाती है। साउथ कोरिया और नॉर्थ कोरिया बॉर्डर की लंबाई 248 कि.मी. तो वहीं दोनों देशों की इस बॉर्डर के बीच 4 कि.मी. चौड़ी पट्टी भी है। नॉर्थ साउथ कोरिया बॉर्डर के बीच इस 4 कि.मी. चौड़ी पट्टी को डिमिलिट डीलिमिट राइज्ड जोन यानी कि डी डीएमड कहा जाता है। यहां सैनिक और हथियार तैनात नहीं होते। हालांकि सेटेलाइट तस्वीरों से साफ हुआ है कि उत्तर कोरिया ने अपनी साइट में करीब 2 से 3 मीटर ऊंची कंक्रीट की दीवार बनाई। तो साथ ही सुरक्षा को देखते हुए एंटी टैंक बैरियर बनाना भी नॉर्थ कोरिया ने शुरू कर दिया। 

सरहद पार लगातार तनाव और हालात को देखते हुए साउथ कोरिया से जोड़ने वाली सड़कों रेलवे ट्रैक को उत्तर कोरिया पहले से ही उड़ा चुका है। दोनों देशों की इस बॉर्डर पर 4 किमी चौड़ी पट्टी के दोनों तरफ हजारों लाखों सैनिकों की तैनाती हमेशा रहेगी। बताया जा रहा है कि उत्तर कोरिया साइड में करीब 50 60 कि.मी. के हिस्से में 7 लाख सैनिक सैनिक को तैनात रखता है और इसके साथ ही डिमिलिटाइज्ड ज़ोन यानी कि डीएमड यानी कि 4 कि.मी. चौड़ी पट्टी के अंदर 20 लाख बारूदी सुरंगे भी बिछाई गई। तो वहीं उत्तर कोरिया की साइड में तोपें, टैंक और इलेक्ट्रिक फेंसिंग का जाल बिछाया गया है। तो यह तो है दोनों देशों की सीमा पर जो हालात हमेशा रहते हैं। लेकिन साउथ कोरिया से लगते हिस्से पर इतना भारीभरकम इंतजाम होने के बावजूद तानाशाह किम जोंग उन तनाव में क्यों है? 
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