Monday, March 2, 2026
Crime

दिल्ली से किडनैप, फिर 10 दिन बाद मथुरा में टुकड़ों में मिली लाश… बिजनैसमैन के मर्डर में सामने आया हनीट्रैप का एंगल!

दिल्ली से किडनैप, फिर 10 दिन बाद मथुरा में टुकड़ों में मिली लाश… बिजनैसमैन के मर्डर में सामने आया हनीट्रैप का एंगल!
दिल्ली से किडनैप, फिर 10 दिन बाद मथुरा में टुकड़ों में मिली लाश… बिजनैसमैन के मर्डर में सामने आया हनीट्रैप का एंगल!

राजधानी दिल्ली के द्वारका इलाके से 18 फरवरी को लापता हुए 48 वर्षीय कारोबारी अनुरूप गुप्ता की हत्या का सनसनीखेज खुलासा हुआ है. अपहरण के दस दिन बाद, 28 फरवरी को उत्तर प्रदेश के मथुरा में उनका शव कई टुकड़ों में बरामद किया गया. पुलिस को अंदेशा है कि यह पूरी वारदात एक सुनियोजित हनीट्रैप का हिस्सा हो सकती है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। चलिए जानते हैं क्या है ये पूरा मामला…

द्वारका सेक्टर-14 स्थित राधिका अपार्टमेंट के निवासी अनुरूप गुप्ता दिल्ली में छत्तीसगढ़ सदन की कैंटीन चलाते थे. 18 फरवरी को वे संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए थे, जिसके बाद परिजनों ने बिंदापुर थाने में उनके अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी.

जांच के दौरान, 28 फरवरी को मथुरा पुलिस को मानव अंग बिखरे हुए मिले. शिनाख्त होने पर दिल्ली पुलिस को सूचना दी गई. फोरेंसिक जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के प्राथमिक संकेतों से पता चला है कि हत्यारों ने पहचान मिटाने के लिए शव के टुकड़े-टुकड़े कर अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिए थे.

हनीट्रैप और साजिश का शक

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में एक युवती की भूमिका संदिग्ध पाई गई है. आशंका है कि उक्त युवती ने अनुरूप गुप्ता को प्रेमजाल में फंसाकर मिलने के बहाने बिंदापुर बुलाया था. वहां पहले से घात लगाकर बैठे युवती के सहयोगियों ने कथित तौर पर अनुरूप के साथ मारपीट की और उन्हें अगवा कर लिया. जांच अधिकारियों का मानना है कि फिरौती या किसी पुरानी रंजिश के चलते उनकी हत्या की गई और साक्ष्य मिटाने के लिए शव को मथुरा ले जाकर ठिकाने लगाया गया.

पुलिस की कार्रवाई और जांच

दिल्ली और मथुरा पुलिस की संयुक्त टीमें इस हाई-प्रोफाइल मामले की गुत्थी सुलझाने में जुटी हैं. बिंदापुर से लेकर मथुरा तक के रास्तों के कैमरों को खंगाला जा रहा है. मृतक के फोन पर आई अंतिम कॉल्स और संदिग्ध युवती के संपर्कों की जांच हो रही है. पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ में अहम सुराग मिलने की उम्मीद है. पुलिस ने अब अपहरण की एफआईआर में हत्या (धारा 302) और साक्ष्य मिटाने (धारा 201) जैसी गंभीर धाराएं जोड़ दी हैं.

me.sumitji@gmail.com

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