
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में हत्या और आत्महत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां पति ने चरित्र पर शक के चलते पत्नी को मौत के घाट उतार दिया. फिर जब पति को आवेश में किए अपने अपराध का एहसास हुआ तो उसने आत्मग्लानि में आकर खुद भी आत्महत्या कर ली. वह ट्रेन के सामने जाकर कूद गया, जिससे उसके चीथड़े उड़ गए. पुलिस ने पति का क्षत-विक्षत शव भी बरामद किया है.
दरअसल, यह पूरा मामला हरसूद थाना क्षेत्र के दमदमा गांव का है. यहां पति ने पत्नी की हत्या कर शव नाले के पास फेंक दिया. उसके बाद पति ने 15 किलोमीटर दूर बरूड़-छनेरा के बीच रेलवे ट्रैक पर ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली. पुलिस जांच में सामने आया कि पत्नी को चरित्र शंका में पति ने मारा है, जबकि, आत्मग्लानि के चलते पति ने आत्महत्या कर ली.
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टीआई राजकुमार राठौर ने बताया कि डायल-112 पर सूचना मिली कि दमदमा गांव में एक महिला की हत्या हुई है, जिसका शव नाले किनारे पड़ा है. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची तो मृतका की पहचान फूलवती (36) के रूप में हुई. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। पुलिस को पड़ोसी व चश्मदीद सकरीबाई ने बताया कि मृतका का पति रामप्रसाद पत्नी पर चरित्र शंका करता था.
इसी कारण दोनों में विवाद हुआ. फिर रामप्रसाद शराब के नशे में फूलवती के साथ मारपीट करते हुए उसे नाले की तरफ ले गया. पलंग के पाए से उसके सिर पर वार कर दिया. पति ने उसे इतना पीटा कि उसकी मौत हो गई. पति अपनी आंखों के सामने पत्नी को दम तोड़ता देखा तो उसे नाले किनारे फेंककर भाग गया.
15 किलोमीटर दूर ट्रेन के सामने कूदा
छनेरा के स्टेशन मास्टर द्वारा हरसूद थाने पर सूचना दी गई कि एक अज्ञात व्यक्ति की डेड बॉडी बरूड-छनेरा के बीच रेलवे ट्रैक खंबा नंबर-614 के पास पड़ी है. सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंच शव को जब्त किया. शव क्षत-विक्षत हालत में था. मौके पर टूटा हुआ मोबाइल भी मिला. इस बात की जानकारी मिलने पर फूलवती के बेटे आकाश व अन्य परिजन हरसूद अस्पताल पहुंचे.
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आकाश ने टूटा हुआ मोबाइल देखा तो बताया कि यह उसके पिता रामप्रसाद का है. पुलिस द्वारा शव की जांच करने पर पाया गया कि रामप्रसाद के हाथ पर धुंधले अक्षरों में रामप्रसाद भी लिखा हुआ था. परिजन ने शव की शिनाख्त रामप्रसाद कलम (40) के रूप में की. जांच में यही बात सामने आई कि फूलवती की हत्या करने के बाद रामप्रसाद को आत्मग्लानि हुई, जिसके कारण वह पहले खेत-खेत भागा. फिर 15 किलोमीटर दूर जाकर ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली.
15 दिन पहले घर छोड़कर गई थी पत्नी
पुलिस जांच में सामने आया कि फूलवती और रामप्रसाद के दो बेटे हैं, जो उनके साथ नहीं रहते थे. 15 दिन पहले फूलवती घर छोड़कर चली गई थी. इस बात से रामप्रसाद खफा था. वह फूलवती के चरित्र पर शक करता था. जब वह घर लौटी तो इस उनके बीच में झगड़ा हुआ. रामप्रसाद के पिता रामकरण ने भी तीन साल पहले इसी घर में उसकी मां की हत्या की थी. रामकरण फिलहाल जेल में बंद है.






