Bhilwara Crime News: राजस्थान के भीलवाड़ा में 70 साल की बुजुर्ग महिला की हत्या और 22 लाख रुपये की ज्वेलरी लूटने के मामले में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. आरोपियों ने पहले महिला का गला दबाकर हत्या की, फिर शव को पेट्रोल डालकर जला दिया. रातभर शव जलता रहा. सुबह आरोपियों ने पानी डालकर उसे ठंडा किया और हड्डियां व राख बाल्टी में भरकर नदी में फेंक दीं. पुलिस जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी मृतका के पति का रिकवरी एजेंट था. महिला ने उसे प्रॉपर्टी में हिस्सा देने का वादा किया था, लेकिन बाद में कुछ नहीं दिया. इसी बात को लेकर वह नाराज था. पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

मामला भीलवाड़ा के वीर सावरकर चौक इलाके का है. यहां रहने वाली 70 साल की कमला देवी कांकरिया की हत्या के आरोप में पुलिस ने 43 साल के रवि तापड़िया और उसके साथी हीरा सिंधी को मंगलवार को गिरफ्तार किया. कोर्ट ने दोनों को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है. पुलिस पूछताछ में सामने आया कि रवि तापड़िया का कमला देवी के पति तेजसिंह के पास आनाजाना था. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। उसने तेजसिंह से कुछ रुपये उधार भी लिए थे. तेजसिंह की मौत के बाद रवि कमला देवी के लिए ब्याज की रकम वसूलने का काम करता था.
आरोपी के मुताबिक, कमला देवी लंबे समय से उसे प्रॉपर्टी में हिस्सा देने की बात कह रही थी, लेकिन उसे कुछ नहीं मिला. बताया जा रहा है कि महिला ने अपनी प्रॉपर्टी पोते के नाम कर दी थी. इसी बात से रवि नाराज चल रहा था.
उधारी के पैसे देने के बहाने बुलाया
पुलिस के मुताबिक, 12 अक्टूबर की शाम रवि ने कमला देवी को अपने घर की तरफ बुलाया. इसके बाद बकाया उधारी चुकाने का बहाना बनाकर उन्हें एक्टिवा पर बैठाया और अपने मकान में ले गया. वहां उसने महिला का गला दबाकर हत्या कर दी.
इसके बाद अपने साथी हीरा सिंधी के साथ मिलकर शव पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी. अगली सुबह दोनों ने पानी डालकर जले हुए शव को ठंडा किया. फिर हड्डियां और राख बाल्टी में भरकर कोठारी नदी में फेंक दीं. आरोपी महिला के करीब 15 तोला सोने के झुमके, कंगन और हार भी ले गए.
जिस मकान में हत्या हुई, उसका मालिक भी 8 साल से लापता
इस मामले में पड़ोसियों ने एक और चौंकाने वाला दावा किया है. स्थानीय लोगों के मुताबिक, जिस मकान में हत्या हुई, वहां आठ साल पहले मनीष नाम का व्यक्ति रहता था. आरोप है कि रवि तापड़िया और उसके साथियों ने मकान पर कब्जा कर लिया था. इसके बाद से मनीष का कोई पता नहीं है.
पड़ोसियों ने मनीष के साथ भी अनहोनी की आशंका जताई है. उनका आरोप है कि मकान में संदिग्ध गतिविधियां होती थीं और देर रात तक शोर सुनाई देता था. इसी वजह से आसपास के लोगों ने वहां आनाजाना कम कर दिया था. पड़ोसियों के मुताबिक, हत्या वाली रात भी मकान में हलचल थी, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि अंदर महिला का शव जलाया जा रहा है. फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है.



