
वॉशिंगटन: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि उनको भारत से रूसी तेल नहीं खरीदने का भरोसा मिल गया है। रुबियो ने दावा किया है कि भारत ने वॉशिंगटन को भरोसा दिलाया है कि वह मॉस्को के एनर्जी सेक्टर पर अमेरिका के नए बैन के बीच रूसी तेल नहीं खरीदेगा। दूसरी ओर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि भारत बाकी दुनिया की तरह तेल खरीद में बेहतर विकल्प तलाशता है। दोनों नेताओं के बयान म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में आए हैं।
रूसी न्यूज एजेंसी टैस ने शनिवार को म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में मार्को रुबियो के हवाले से कहा, ‘अमेरिका ने रूस के तेल पर और बैन लगाए हैं। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इस नए बैन के साथ ही भारत से बातचीत में हमें दिल्ली से रूसी तेल खरीदना बंद करने का मजबूत भरोसा मिला है। उन्होंने कहा कि भारत अब रूसी तेल नहीं खरीदेगा।’
यूक्रेन युद्ध रोकने की कोशिश जारी रहेगी: मार्को
रुबियो ने कहा कि अमरिका की ओर से यूक्रेन और रूस में कोई सेटलमेंट की संभावना की तलाश जारी रहेगी। अमेरिका ने रूस के तेल पर और बैन लगाए हैं। भारत के साथ बातचीत में वॉशिंगटन ने रूस का और तेल खरीदना बंद करने का उनका कमिटमेंट हासिल कर लिया है।
मार्को ने आगे कहा कि यूरोप ने भी कदम उठाए हैं और यूक्रेन के लिए अमेरिकी मिलिट्री सपोर्ट जारी है। रूस पर दबाव कम नहीं हुआ है लेकिन हम बातचीत के जरिए युद्ध को खत्म करने में मदद करने की अपनी कोशिश जारी रखेंगे। ऐसा समझौता, जिसमें इंसाफ और विश्वास हो।
ट्रंप ने किया था डील का ऐलान
भारत के रूसी तेल आयात पर रुबियो की टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे के एक हफ्ते से ज्यादा समय बाद आई है, जिसमें उन्होंने ट्रेड डील का ऐलान करते हुए कहा था कि नई दिल्ली दोनों देशों के बीच एक बड़ी समझ के तहत मॉस्को से तेल की खरीद रोकने पर सहमत हो गया है।
भारत से ट्रेड डील की घोषणा करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि भारत समझौते में रूसी तेल खरीदना बंद करने और अमेरिका से ज्यादा ऑइल खरीदने पर सहमत हुआ है। अमेरिका ने बीते साल भारत पर रूस से तेल खरीद के लिए 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाने का भी ऐलान किया था।




