अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हवाई हमलों में ईरान के दक्षिणी हिस्से में स्थित एक गर्ल्स स्कूल पर हमला हुआ जिसमें कम से कम 148 छात्राओं की मौत हो गई। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ने यह दावा किया है कि यह हमला मिनाब शहर में शनिवार को किया गया है। यह हमला उस बड़े सैन्य अभियान का हिस्सा था जिसे अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान के कई इलाकों में अंजाम दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक हमले के दौरान स्कूल पर बम गिरा जिससे वहां पढ़ने वाली छात्राओं की मौके पर ही मौत हो गई। ईरान के सरकारी मीडिया के मुताबिक, मीनाब के शजारेह तैय्येबेह गर्ल्स प्राइमरी स्कूल में मृतकों की संख्या बढ़कर 148 हो गई है और 95 घायल हुए हैं। मृतकों में से अधिकतर 7 से 12 वर्ष की आयु वर्ग की थीं।
इन हमलों में ईरान के कई अहम ठिकानों को भी निशाना बनाया गया। शुरुआती हमले में सुप्रीम लीडर अयुतुल्लाह अल खेमेनाई से जुड़े दफ्तरों के पास राजधानी तेहरान में कई जगह धमाके सुने गए और आसमान में धुएं के गुब्बारे भी उठते दिखे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान में बड़े सैन्य अभियान शुरू हो चुके हैं और उन्होंने ईरानी जनता से अपनी सरकार के खिलाफ खड़े होने की भी अपील की थी। वहीं इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजिमिन नेतन्याहू ने कहा कि यह कारवाई ईरानी लोगों को अपने भविष्य का फैसला खुद करने का मौका देगी। इन हमलों के जवाब में ईरान ने इजराइल पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए। साथ ही बहरीन, कुवैत और क़तर में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया।
अबू धाबी में मिसाइल के मलबे से गिरने से एक व्यक्ति की मौत की खबर भी आ रही है। स्थिति बिगड़ने के बाद यूएई और इराक ने अपने हवाई क्षेत्र अस्थाई रूप से बंद कर दिए हैं। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। ईरान के विदेश मंत्री ने कड़ा बयान जारी करते हुए कहा कि देश अपनी रक्षा के लिए पूरी ताकत से जवाब देगा। यह संघर्ष पश्चिम एशिया में बड़े युद्ध की आशंका को और गहरा करता जा रहा है।





