पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच हालात बेहद नाजुक हो गए हैं। ईरान ने सीधी चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी नौसेना का जहाज ‘अब्राहम लिंकन’ उनकी पहुंच में आया, तो वे उस पर हमला कर देंगे। खबरों के मुताबिक, ईरान ने अपने ड्रोन और मिसाइल हमलों को काफी तेज कर दिया है, जिससे पूरे इलाके में खतरे की घंटी बज गई है।
हमलों का सिलसिला जारी
ईरान लगातार इजरायल और अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है। इसके जवाब में अमेरिका और इजरायल ने भी अपनी सैन्य कार्रवाई आक्रामक कर दी है। दोनों तरफ से बढ़ते हमलों ने इस क्षेत्र में शांति की उम्मीदों को कम कर दिया है और तनाव को एक खतरनाक स्तर पर पहुंचा दिया है।
खाड़ी देशों में हाई अलर्ट
इस बढ़ते विवाद को देखते हुए सऊदी अरब, यूएई और कतर जैसे देशों ने अपनी सुरक्षा बढ़ा दी है। दुबई और दोहा जैसे बड़े शहरों में हवाई हमलों से बचने वाले ‘एयर डिफेंस सिस्टम’ को एक्टिव कर दिया गया है, ताकि किसी भी अनहोनी को टाला जा सके।
तेल सप्लाई और अर्थव्यवस्था पर संकट
दुनिया के सबसे जरूरी तेल मार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ पर भी खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। अगर यहां युद्ध जैसे हालात बनते हैं, तो पूरी दुनिया में कच्चे तेल की सप्लाई रुक सकती है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इससे पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ेंगी और वैश्विक अर्थव्यवस्था को बड़ा नुकसान हो सकता है।
अंतरराष्ट्रीय शांति की अपील
बढ़ते खतरे को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र और दुनिया के कई देशों ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है। हालांकि, जमीन पर हालात अब भी काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं और फिलहाल संघर्ष रुकता हुआ नहीं दिख रहा है।



