मिडिल ईस्ट की जंग अब उस मुकाम पर आ गई है जहां से वापसी का रास्ता नामुमकिन नजर आता है। रविवार की रात ईरान ने इजराइल पर अब तक का सबसे भीषण और बड़ा हमला बोल दिया। तेल अवीव का आसमान 10 जोरदार धमाकों से दहल उठा। लेकिन इस बार कहानी अलग है। पहली बार इजराइल के अंदर हुई तबाही की तस्वीरें इतनी तेजी से वायरल हो रही हैं। ईरानी मिसाइलों और ड्रोंस ने इजराइल के डिफेंस को भेजते हुए वो मंजर पैदा किया जिसकी कल्पना किसी नेनहीं की थी। इजराइली सेना ने पुष्टि की है कि ईरान ने नई और घातक बैलेस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया। आईडीएफ के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल नादौसानी ने भले ही दावा किया कि रन की सैन्य क्षमता में गिरावट आई है लेकिन तेल अभी की सड़कों पर गिरे मलबे और जलती इमारतों की तस्वीरों ने दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आसमान में इंटरसेप्टर सिस्टम जरूर सक्रिय थे लेकिन ईरान के मिसाइलों की तादाद इतनी ज्यादा थी कि इजराइल का अभेद कवच भी इस बार बेबस नजर आया। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजिश्कियान के माफीनामे के महज 24 घंटे बाद ही पूरा क्षेत्र बारूद के ढेर में बैठ गया। कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के ईंधन भंडारण क्षेत्र को ड्रोन से निशाना बनाया गया। जिससे वहां भारी नुकसान हुआ। वहीं सऊदी अरब ने दावा किया है कि उसने 21 ड्रोंस को मार गिराया। यूएई ने भी हाई अलर्ट जारी किया है। साफ है ईरान अब आर-पार के मूड में है और पूरे क्षेत्र में फैले अमेरिकी और इजरायली हितों को निशाना बना रहा है। ईरान ने केवल इजराइल ही नहीं बल्कि बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों को भी सीधे निशाने पर लिया। आईआरजीसी ने इसे अपने जल शोधन संयंत्र पर हुए हमले का बदला बताया।
दूसरी तरफ इजराइल ने ईरान के तेहरान और अल्बोर्ज प्रांत में पांच प्रमुख तेल केंद्रों को तबाह कर दिया। जिसमें चार टैंकर चालकों की मौत हो गई। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इन हमलों के बाद तेहरान का आसमान काले धुएं की मोटी चादर में ढक गया। इधर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दोहराया है कि उन्हें ईरान से बिना शर्त समर्पण के अलावा कुछ भी मंजूर नहीं। उन्होंने मिनाब स्कूल हमले को ईरान की अपनी गलती करार दिया।



