Meerut Triple Talaq News : यूपी के मेरठ में विवाहिता को उसके पति ने मामूली बात पर तीन तलाक दे दिया। दरअसल, महिला ने पति के साथ सऊदी अरब जाने से मना कर दिया था। मामले में पुलिस जांच-पड़ताल कर रही है।

UP Triple Talaq Case : मेरठ के परीक्षितगढ़ से रूह को झकझोर देने वाला एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां धर्म और परंपरा की आड़ में एक महिला की गरिमा को तार-तार कर दिया गया। शमा परवीन ने अपने पति, देवर और ससुराल वालों पर तीन तलाक, हलाला के नाम पर शारीरिक शोषण और फिर धोखेबाजी का गंभीर आरोप लगाया है। यह दास्तां रिश्तों की मर्यादा और कानून, दोनों को शर्मसार करती है।
शमा परवीन का निकाह नवंबर 2022 में नाजिम के साथ हुआ था। विवाद तब शुरू हुआ जब नाजिम अपनी पत्नी को दोबारा सऊदी अरब ले जाने की जिद करने लगा। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। शमा के इनकार करने पर ससुराल वालों ने न केवल उसके साथ मारपीट की, बल्कि पति ने उसे ‘तीन तलाक’ देकर घर से निकाल दिया।
हलाला का बनाया दबाव
पीड़िता का आरोप है कि इसके बाद मामला सुलझाने के नाम पर ससुराल वालों (सास जुबेदा, ननद नाजमा और चचा ससुर हसमत) ने उस पर हलाला का दबाव बनाया। योजना के तहत शमा का जबरन निकाह उसके देवर रिजवान से कराया गया। निकाह के महज तीन-चार दिन बाद रिजवान ने भी उसे तलाक दे दिया, ताकि वह दोबारा नाजिम से निकाह कर सके।
मासूम को अपनाने से इनकार और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल
शमा ने अब एक बच्चे को जन्म दिया है, लेकिन हैवानियत की हद तब हो गई जब पति नाजिम ने बच्चे को अपना खून मानने से ही इनकार कर दिया। न्याय की गुहार लेकर दर-दर भटक रही शमा ने पुलिस पर भी लीपापोती के गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि दिसंबर 2025 में शिकायत के बावजूद दरोगा अजीत कुमार ने उसकी तहरीर बदल दी और फरवरी 2026 में उसे पैसे लेकर चुप रहने की धमकी दी गई।
प्रशासन का पक्ष
इस मामले पर पुलिस का कहना है कि यह एक पारिवारिक विवाद है। थाना प्रभारी सुधीर सिंह सिरोही के मुताबिक मामला फिलहाल मिडिएशन सेंटर में है और जांच की जा रही है। वहीं, एसपी देहात अभिजीत कुमार ने आश्वासन दिया है कि महिला को बयान के लिए बुलाया गया है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।




