Wednesday, February 11, 2026
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ˈभारत के इस पड़ोसी देश में गाय भैंस नहीं बल्कि लोग घरों में पालते हैं खूंखार मगरमच्छ, इसका मांस बेच करते हैं मोटी कमाईˌ

ˈभारत के इस पड़ोसी देश में गाय भैंस नहीं बल्कि लोग घरों में पालते हैं खूंखार मगरमच्छ, इसका मांस बेच करते हैं मोटी कमाईˌ
ˈभारत के इस पड़ोसी देश में गाय भैंस नहीं बल्कि लोग घरों में पालते हैं खूंखार मगरमच्छ, इसका मांस बेच करते हैं मोटी कमाईˌ

Crocodile Farming in Thailand: थाईलैंड भारत का पड़ोसी देश है जो समुद्र से घिरा हुआ। क्या एक खूबसूरत देश है जहां बड़े पैमाने पर लोग घूमने जाते हैं। वैसे तो हमारे यहां गाय भैंस पाला जाता है और गाय का दूध बेचकर लोग पैसा कमाते हैं लेकिन थाईलैंड में मगरमच्छ की खेती की जाती है। आपको सुनकर थोड़ी हैरानी होगी लेकिन यह बिल्कुल सच है।

 यहां के लोग मगरमच्छ का खाल खून और उसका मांस बेचकर काफी अच्छी कमाई करते हैं। मगरमच्छ की खेती करने से थाईलैंड की अर्थव्यवस्था काफी मजबूत हुई है। थाईलैंड में बड़े पैमाने पर लोग मगरमच्छ पलते हैं और मगरमच्छ  से अच्छी कमाई भी करते हैं।

थाईलैंड में मगरमच्छ पालन कोई नई बात नहीं है. यहां यह काम कई पीढ़ियों से हो रहा है। थाईलैंड में मगरमच्छ पालन और उसका पालन करना भी काफी फायदे का सौदा साबित हो रहा है। स्थानीय किसानों से लेकर बड़े व्यापारी तक इस उद्योग से जुड़े हुए हैं और खूब लाभ कमा रहे हैं।

 थाईलैंड में मगरमच्छ के खल का काफी ज्यादा डिमांड देखने को मिलता है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इससे बेल्ट और कई तरह की चीज बनाई जाती है जो की काफी महंगा मिलता है और विदेशी बाजार में भी इसको सप्लाई किया जाता है। बड़े पैमाने पर लोग यहां मगरमच्छ के मांस का सेवन भी करते हैं इसलिए यहां बड़े पैमाने पर मगरमच्छ का मांस दिखता है। टूरिस्ट भी मगरमच्छ का मांस खाना पसंद करते हैं। मगरमच्छ का मांस और खून अच्छी कीमत पर बिकता है यही वजह है कि छोटे-छोटे लोग भी इस व्यवसाय से जुड़े हुए हैं और खूब मगरमच्छ का मांस खाते हैं।

थाई सरकार ने मगरमच्छ पालन को नियमों के तहत वैध बनाया है. इसके लिए लाइसेंस प्रणाली लागू है और फार्म चलाने वालों को स्वास्थ्य व देखभाल से जुड़े निर्देश दिए जाते हैं. प्रशिक्षित कर्मचारी मगरमच्छों का खाना, सफाई और इलाज का ध्यान रखते हैं. 

me.sumitji@gmail.com

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