Saturday, March 21, 2026
CrimeIndiaTrending

मथुरा में फरसा वाले बाबा की गाड़ी से कुचलकर मौत, गौरक्षकों ने हाईवे किया जाम, बोले- ये मर्डर है!

मथुरा में फरसा वाले बाबा की गाड़ी से कुचलकर मौत, गौरक्षकों ने हाईवे किया जाम, बोले- ये मर्डर है!
मथुरा में फरसा वाले बाबा की गाड़ी से कुचलकर मौत, गौरक्षकों ने हाईवे किया जाम, बोले- ये मर्डर है!

उत्तर प्रदेश के मथुरा से बड़ी खबर सामने आई है. गौ-रक्षक संत बाबा चंद्रशेखर, जिन्हें क्षेत्र में फरसा वाले बाबा के नाम से जाना जाता था, उनकी शनिवार तड़के गाड़ी से कुचलकर मौत हो गई. बाबा के समर्थकों का कहना है कि ये हत्या है. बोले- गौ-तस्करों ने उन्हें गाड़ी से कुचलकर मार डाला. इस घटना के बाद पूरे ब्रज क्षेत्र में आक्रोश की लहर दौड़ गई है और उग्र गौ-रक्षकों ने दिल्ली-आगरा हाईवे (NH-19) पर जाम लगा दिया है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बाबा चंद्रशेखर को शनिवार तड़के करीब 4 बजे सूचना मिली थी कि कुछ तस्कर गायों को लेकर भाग रहे हैं. सूचना मिलते ही बाबा अपनी बाइक से तस्करों का पीछा करने निकल पड़े. वारदात कोटवन चौकी के अंतर्गत आने वाले ग्राम नवीपुर के पास हुई. पीछा करने के दौरान तस्करों ने बाबा की बाइक को जोरदार टक्कर मारी और उन्हें अपनी गाड़ी से कुचलते हुए निकल गए. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाबा ने मौके पर ही दम तोड़ दिया.

एक आरोपी दबोचा, तीन फरार

वारदात के तुरंत बाद मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों और गौ-रक्षकों ने तत्परता दिखाते हुए दूसरे समुदाय के एक युवक को पकड़ लिया, जिसे पुलिस के हवाले कर दिया गया है. हालांकि, अंधेरे का फायदा उठाकर तीन अन्य आरोपी मौके से भागने में सफल रहे. पुलिस प्रशासन फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रहा है.

पुलिस पर पथराव और भगदड़

बाबा की हत्या की खबर आग की तरह फैली और देखते ही देखते सैकड़ों की संख्या में गौ-भक्त और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता दिल्ली-आगरा हाईवे पर एकत्रित हो गए. प्रदर्शनकारियों ने NH-19 पर जाम लगा दिया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. आक्रोशित भीड़ ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और इस दौरान पुलिस पर पथराव भी किया गया, जिससे मौके पर भगदड़ मच गई. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी संख्या में पीएसी और पुलिस बल तैनात किया गया है. अधिकारी लगातार गौ-रक्षकों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं.

अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब

बाबा चंद्रशेखर के पार्थिव शरीर को कोसी से आंजनौख गौशाला लाया जा रहा है. बाबा को उनकी निडरता और गौ-सेवा के प्रति अटूट समर्पण के लिए जाना जाता था. उनके निधन से ब्रज के संतों और ग्रामीण क्षेत्रों में गहरा शोक है. ग्रामीणों का कहना है कि बाबा हमेशा गौ-वंश की रक्षा के लिए अपनी जान हथेली पर रखकर चलते थे.

me.sumitji@gmail.com

Leave a Reply