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झज्जर। सिलानी गांव निवासी बीए द्वितीय वर्ष के छात्र यशु चाहर की हत्या के मामले में गठित एसआइटी जांच ने एक सुनियोजित और निर्मम साजिश का राजफाश किया है। आरोपित इंद्रसेन ने भानजे यशु की हत्या से तीन दिन पहले ही आइएमटी रोहतक क्षेत्र में पांच फीट गहरा गड्ढा खोद लिया था।
इससे स्पष्ट है कि वारदात पूर्व नियोजित थी। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपित वारदात के बाद पीड़ित परिवार के घर जाकर सांत्वना देने का नाटक करता रहा। उसने यशु के मोबाइल से 18 व 26 जनवरी और 15 फरवरी को संदेश भेजकर स्वजन को यह भ्रम दिया कि वह जीवित है।
यशु के पिता और बड़ा भाई भारतीय सेना में रह चुके हैं। एसीपी प्रदीप नैन के नेतृत्व में गठित विशेष जांच दल ने आरोपित को बिगोवा के उसी स्कूल में ले जाकर सीन री-क्रिएट कराया, जहां यशु को बंधक बनाया गया था। पुलिस ने मौके से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। इस बीच चल रहे मामले में पुलिस के स्तर पर कड़ी दर कड़ी जांच आगे बढ़ती रही। इस बीच आरोपित बीच-बीच में घर आकर सांत्वना देने की एक्टिंग भी कर रहा था।
अपहरण से हत्या तक
29 दिसंबर : आरोपित ने यशु का अपहरण किया। चरखी दादरी के बिगोवा स्थित एक निजी स्कूल के कमरे में बंधक बनाकर रखा। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। यशु को भारी मात्रा में नशीले पदार्थ दिए गए, जिससे वह सुध-बुध खो बैठा था।
5 जनवरी : यशु को नशे की हालत में अपनी वैगनआर कार में डालकर पीजीआइ रोहतक की पार्किंग में ले गया, जहां उसकी हत्या कर दी। शव को आइएमटी में पहले से खोदे गए पांच फीट गहरे गड्ढे में दबा दिया।
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