
T20 World Cup 2026 Super 8: टी20 विश्व कप 2026 में टीम इंडिया दमदार प्रदर्शन कर रही है. उसने ग्रुप स्टेज के चारों मैच जीते हैं. अब सुपर 8 की बारी है, जिसमें टीम इंडिया को तीन मजबूत टीमों से लड़ना है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। जैसे ही टीम इंडिया ने सुपर 8 में एंट्री मारी तो फैंस को 17 साल पुराना एक गहरा जख्म याद आ गया. इस बार एक ऐसा मनहूस संयोग बन गया है, जो टीम इंडिया के लिए किसी खतरे से कम नहीं है. अगर हिस्ट्री रिपीट होती है तो सूर्या ब्रिगेड सुपर 8 से ही बाहर हो जाएगी.
अब सवाल ये है कि आखिर ये मनहूस संयोग है क्या? इसके तार साल 2009 के टी20 विश्व कप से जुड़ते हैं. उस एडिशन में सुपर 8 में टीम इंडिया को जिन 2 टीमों ने मात देकर बाहर किया था, अब एक बार फिर वही टीमें टीम इंडिया के सामने बड़ा खतरा बनकर खड़ी हैं. जी हां, सुपर 8 में भारतीय टीम के सामने 2 पुराने दुश्मन हैं, जिन्होंने 2009 में मेन इन ब्लू को हार का दर्द दिया था, जो फैंस आज भी नहीं भूले हैं.
दरअसल, टी20 विश्व कप 2026 में 21 फरवरी से सुपर 8 की जंग होगी, जिसमें कुल 8 टीमों ने जगह बनाई है. ग्रुप 1 में भारत, साउथ अफ्रीका, वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे ने जगह पक्की की है. ये सभी टीमें ग्रुप स्टेज में टॉप 2 पोजीशन पर रहीं. ग्रुप 1 में जैसे ही भारत, वेस्टइंडीज और साउथ अफ्रीका एक साथ आईं तो 17 साल पुराना मनहूस संयोग बन गया, जो टीम इंडिया के लिए खतरे की घंटी है.
ऐसा दूसरी बार हो रहा…
टी20 विश्व कप का इतिहास उठाकर देखें तो यह सिर्फ दूसरी दफा है जब साउथ अफ्रीका, वेस्टइंडीज और टीम इंडिया को सुपर 8 में एक ही साथ जगह मिली है. इससे पहले 2009 में ऐसा हुआ था. उस सीजन भारत के साथ जिम्बाब्वे की जगह इंग्लैंड थी, बाकी सभी टीमें एक जैसी थीं. टीम इंडिया को सुपर 8 के तीनों मैचों में हार मिली थी. विंडीज ने उसे 7 विकेट से हराया था, अफ्रीका ने 12 रनों से मात दी थी और इंग्लैंड ने 3 रनों से रोमांचक मैच जीता था. लगातार तीन हार के चलते वह सुपर 8 से ही बाहर हो गई थी. अब अगर हिस्ट्री रिपीट हुई तो टीम इंडिया का सुपर 8 में बोरिया-बिस्तर बंधना तय है, क्योंकि वेस्टइंडीज, अफ्रीका और जिम्बाब्वे बहुत बढ़िया फॉर्म में हैं और ग्रुप स्टेज में गर्दा उड़ाकर आ रही हैं.
जिम्बाब्वे को हल्के में नहीं लेगा भारत
सुपर 8 के ग्रुप 1 में भारत, साउथ अफ्रीका, वेस्टइंडीज के अलावा जिम्बाब्वे की टीम भी है, जिसे कम आंका जा रहा है, लेकिन ध्यान रहे कि इस टीम ने ग्रुप स्टेज में ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका जैसी बड़ी टीमों को मात देकर बड़ा उलटफेर किया है. सिकंदर रजा की कप्तानी में ये टीम अब तक अजेय है. उसका कॉन्फिडेंस बढ़ा हुआ है. इसलिए कप्तान सूर्यकुमार यादव इस टीम को हल्के में लेने की गलती बिल्कुल भी नहीं करेंगे.
सुपर 8 में तीनों मैच क्यों हैं खास?
सुपर 8 का हर मैच टीम इंडिया के लिए बड़ा होने वाला है, क्योंकि इस ग्रुप से उन्हीं 2 टीमों को सेमीफाइनल में एंट्री मिलेगी, जो टॉप 2 पर फिनिश करेंगी. इसके लिए कम से कम 2 मैच जीतना जरूरी हैं. जो टीम तीनों मैच जीत लेगी, उसे सेमीफाइनल में जाने से कोई रोक नहीं सकता. सूर्या ब्रिगेड 22 फरवरी को अहमदाबाद में साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहला मैच खेलेगी, फिर 26 फरवरी को चेन्नई में जिम्बाब्वे और 1 मार्च को कोलकाता में उसे वेस्टइंडीज से भिड़ना है. कहीं न कहीं टीम इंडिया के कप्तान के ध्यान में भी यह बात होगी कि उसे 2009 वाले जख्म से बचना है और लगातार जीत का सिलसिला जारी रखना है.





