Saturday, March 7, 2026
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‘अगर पता होता तो मैं खुद…’, जीशान-गुलफाम के एनकाउंटर पर छलका पिता का दर्द!

‘अगर पता होता तो मैं खुद…’, जीशान-गुलफाम के एनकाउंटर पर छलका पिता का दर्द!

यूट्यूबर सलीम वास्तिक अटैक केस में दोनों हमलावारों को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया है. हमलावर जीशान और गुलफाम दोनों अपने सगे भाई थे. वहीं, अपने जवान दोनों बेटे के एनकाउंटर में मौत पर पिता का दर्द छलका है. उन्होंने बताया कि उन्हें कभी अंदेशा नहीं था कि वे ऐसे अपराध में शामिल हो सकते हैं.

‘अगर पता होता तो मैं खुद…’, जीशान-गुलफाम के एनकाउंटर पर छलका पिता का दर्द!

जीशान-गुलफाम के एनकाउंटर पर छलका पिता का दर्द

यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर जानलेवा हमला मामले में शामिल दोनों आरोपियों को पुलिस ने अलग-अलग एनकाउंटर में मार गिराया. मृतक जीशान और गुलफाम दोनों सगे भाई थे. दोनों ने यूट्यूबर सलीम के दफ्तर में घुसकर चाकू से गर्दन और पेट पर बेरहमी से कई वार किए थे, जिसका वीडियो भी सामने आया. सलीम तब से अस्पताल में जिंदगी-मौत से लग रहे हैं.

गाजियाबाद पुलिस से मुठभेड़ में जीशान की 1 मार्च को लोनी इलाके में मौत हो गई, जबकि गुलफाम इंदिरापुरम थाना क्षेत्र में एनकाउंटर में 3 मार्च की रात को मारा गया था. वहीं, बुधवार को पुलिस ने दोनों के शव उनके पिता बुनियाद अली को सुपुर्द किया. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इस दौरान उनका दर्द छलकर बाहर आया. उन्होंने बताया कि दोनों बेटे घर से काम का बहाना बनाकर निकले थे.

घर से जाने के बाद उनके मोबाइल बंद हो गए थे

मृतक जीशान-गुलफाम के पिता बुनियाद अली ने मीडिया से बातचीत में बताया कि हमारे परिवार में पहले कभी कोई आपराधिक इतिहास नहीं रहा है. उन्हें कभी अंदेशा नहीं था कि उनके बेटे ऐसे अपराध में शामिल हो सकते हैं और इस तरह की वारदात को अंजाम दे सकते हैं. अपने दो जवान बेटों को खोने के बाद वो काफी भावुक और स्तब्ध नजर आए.

उन्होंने बताया कि वे य़ूपी में अमरोहा जिले के रहने वाले हैं. दोनों बेटे नोएडा एनसीआर क्षेत्र में रहते थे. कभी-कभी घर पर आना-जाना रहता था. पिता ने बताया कि दोनों बेटे घर से काम का बहाना बनाकर निकले थे और फिर उनके मोबाइल फोन बंद हो गए थे. उन्होंने रोते हुए उन्हें गिरफ्तार कर सजा देना चाहिए था, एनकाउंटर से बेटों को आखिरी बार देखा तक नहीं.

गुलफाम बड़ा और शादीशुदा था, जीशान अविवाहित

बुनियाद अली ने आगे बताया कि मृतक दोनों बेटों में गुलफाम बड़ा था और शादीशुदा था. उसके दो छोटे हैं. वहीं, जबकि जीशान छोटा था, जिसकी शादी नहीं हुई थी. उन्होंने बताया कि उनके परिवार का कभी धारा 151 तक से पाला नहीं पड़ा था. ‘अगर मुझे पहले पता होता तो मैं खुद दोनों को रोकता और समझाता. दोनों पर सख्ती से नियंत्रण करता.’

me.sumitji@gmail.com

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