
मध्य प्रदेश के बालाघाट पुलिस ने एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा किया है, जहां एक दामाद ने अपने पिता की मौत का बदला लेने के लिए अपने ही ससुर की बेरहमी से हत्या कर डाली. पुलिस की पूछताछ में जो तथ्य सामने आए, उसने सभी को चौंका दिया है. वारासिवनी के नेवरगांव (नगाटोला) निवासी 60 वर्षीय कैलाश गिरी गोस्वामी 28 जनवरी को अपनी बेटी से मिलने ग्राम अरंडिया गए थे.
उन्हें इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि उनका दामाद अशोक गिरी गोस्वामी उनकी जान लेने की योजना बना चुका है. 30 जनवरी को जब कैलाश गिरी ने वापस घर जाने की इच्छा जताई, तो उनकी बेटी ने पति अशोक से मटन लाने को कहा. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। घर में मटन बना और सभी ने साथ में भोजन किया.
शराब पिलाकर जंगल में ले जाकर की हत्या
भोजन के बाद दामाद अशोक गिरी और उसके साढू रूस्तम गिरी ने योजनाबद्ध तरीके से कैलाश गिरी को शराब पिलाने के बहाने घर से बाहर निकाला. जब बुजुर्ग पूरी तरह नशे में हो गए, तो दोनों उन्हें अरंडिया के पास जंगल में ले गए. वहां डंडे से उन पर बेरहमी से हमला किया गया और अंत में गला दबाकर उनकी हत्या कर दी गई. साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से आरोपियों ने शव को घसीटकर जंगल में काफी दूर फेंक दिया.
पुलिस को गुमराह करने की कोशिश
शातिर दामाद ने अपराध छिपाने के लिए अगले दिन 29 जनवरी को खुद परसवाड़ा थाने पहुंचकर ससुर की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. वो पुलिस जांच में लगातार सहयोग का नाटक करता रहा ताकि किसी को उस पर संदेह न हो. हालांकि, 3 फरवरी को जब जंगल में बुजुर्ग का क्षत-विक्षत शव मिला और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हुई, तो पुलिस का शक गहरा गया.
पिता की मौत का बदला बना हत्या का कारण
जब पुलिस ने दोनों दामादों (अशोक और रूस्तम) के बयान लिए, तो वे बार-बार अपनी बातें बदलते रहे. कड़ाई से पूछताछ करने पर अशोक ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया. उसने बताया कि उसके ससुर ने पूर्व में उसके पिता की हत्या की थी, जिसका बदला लेने के लिए उसने यह कदम उठाया. बोला- ससुर ने मेरे बाप को मार डाला था. इसीलिए मैंने उसे मार दिया. हत्या के बाद अशोक ने ससुर का सामान अपने पिता की समाधि के पास ले जाकर जला दिया. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आदर्शकांत शुक्ला ने बताया कि आरोपी अशोक गिरी और रूस्तम गिरी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है.



