Wednesday, March 11, 2026
Cricket

हरभजन सिंह ने कीर्ति आजाद को दिया करारा जवाब, बताया क्यों मस्जिद या गुरूद्वारे नही ले जाई गई टी20 विश्व कप की ट्रॉफी

हरभजन सिंह ने कीर्ति आजाद को दिया करारा जवाब, बताया क्यों मस्जिद या गुरूद्वारे नही ले जाई गई टी20 विश्व कप की ट्रॉफी
Harbhajan Singh on kirti azad

Harbhajan Singh: आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 (ICC T20 World Cup 2026) की ट्रॉफी जीतने के बाद भारतीय टीम (Team India) के कप्तान सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) और कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) इस ट्रॉफी को लेकर नरेंद्र मोदी स्टेडियम के बगल में स्थित बाल हनुमान मंदिर में लेकर गए, जहां पर ट्रॉफी की पुजा अर्चना की गई. इसके वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर आने के बाद पूर्व भारतीय क्रिकेटर और तृणमूल कांग्रेस से सांसद कीर्ति आजाद (Kirti Azad) ने गुस्सा जाहिर किया है.

कीर्ति आजाद ने आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 की ट्रॉफी मंदिर में ले जाने को शर्मनाक बताया है, इस पर पहले ईशान किशन (Ishan Kishan) ने जवाब दिया था और अब पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) ने भी कीर्ति आजाद को करारा जवाब दिया है.

Harbhajan Singh ने कीर्ति आजाद को दिया करारा जवाब

भारतीय टीम के पूर्व स्पिनर हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) और राज्यसभा से सांसद हरभजन सिंह ने कीर्ति आजाद को करारा जवाब देते हुए कहा कि उन्हें राजनीति को खेल से दूर रखना चाहिए. हरभजन सिंह ने कहा कि ये हर किसी का निजी मामला है, सबको अपनी भावना जाहिर करने का हक़ है.

हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) ने कहा कि

“उनकी बातें मत सुनिए. देखिए, खेल और राजनीति को अलग रखिए. आपकी आस्था है, आप मंदिर जाइए, गुरुद्वारे जाइए या कहीं भी जाइए. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। अगर वह कहीं गए भी हैं, तो यह उनकी इच्छा है.”

हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) ने अपने बयान में आगे कहा कि

“यह सूर्यकुमार यादव और गौतम गंभीर की इच्छा है कि वे कहीं भी जाएं और इस पर कोई विशेष टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए. अगर उन्होंने मन्नत मांगी है तो वे कहीं भी जा सकते हैं. इस पर सवाल खड़े नहीं करने चाहिए और हर बार टांग खींचना सही नहीं है.”

कीर्ति आजाद ने बताया था इस कृत को शर्मनाक

भारत को 1983 विश्व कप जीताने वाले कीर्ति आजाद ने अपने सोशल मीडिया पर लिखा कि

“1983 में कपिल देव की अगुवाई में विश्व कप जीतने वाली टीम में हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई, हर धर्म के खिलाड़ी थे और उस वक्त ट्रॉफी को मातृभूमि भारत को समर्पित किया गया था. अगर ट्रॉफी हनुमान मंदिर ले जाई गई, तो मस्जिद, चर्च या गुरुद्वारा क्यों नहीं?”

उन्होंने आगे कहा कि

“मोहम्मद सिराज ट्रॉफी मस्जिद नहीं ले गए और संजू सैमसन, जो टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक रहे, इसे चर्च नहीं ले गए. यह ट्रॉफी 140 करोड़ भारतीयों की है, किसी एक धर्म की नहीं.”

me.sumitji@gmail.com

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