महाराष्ट्र के पुणे में पब्लिक ट्रांसपोर्टेशन की तस्वीर बदलने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. शहर के प्रमुख IT हब हिंजवडी को शिवाजीनगर से जोड़ने वाली 23 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन3 यानी पिंक लाइन शुरू हो गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8,300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार इस कॉरिडोर का उद्घाटन किया. इससे हजारों नौकरीपेशा लोगों और रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है.

पुणे का हिंजवडी इलाका देश के प्रमुख IT हब में शामिल है. यहां बड़ी संख्या में IT कंपनियां और कॉर्पोरेट ऑफिस हैं. रोजाना हजारों कर्मचारी इस इलाके में काम करने पहुंचते हैं. शिवाजीनगर और शहर के दूसरे हिस्सों से हिंजवडी आनेजाने वाले लोगों को अक्सर सड़क पर भारी ट्रैफिक का सामना करना पड़ता है. पिंक मेट्रो लाइन3 इसी परेशानी को कम करने के उद्देश्य से तैयार की गई है. 23 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर हिंजवडी के मान इलाके को डिस्ट्रिक्ट कोर्ट मेट्रो स्टेशन से जोड़ेगा. इससे IT हब और शहर के प्रमुख हिस्सों के बीच सीधा मेट्रो संपर्क बनेगा.
महिला ऑपरेटरों के हाथ में होगी मेट्रो की कमान
पिंक मेट्रो की एक खास पहचान इसका महिला ट्रेन ऑपरेटरों द्वारा संचालित होना है. इस पहल के जरिए सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया है. इससे मेट्रो संचालन जैसे तकनीकी और जिम्मेदारी वाले क्षेत्र में महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे. महिलाओं की भागीदारी से सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र में उनकी भूमिका को नई पहचान मिल सकती है.
सौर ऊर्जा से चलेगी मेट्रो, पर्यावरण को भी फायदा
पिंक मेट्रो को पर्यावरण के लिहाज से भी खास बनाने की कोशिश की गई है. इस कॉरिडोर की करीब 30 फीसदी बिजली की जरूरत सौर ऊर्जा से पूरी करने की योजना है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इससे पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम होगी. दरअसल, बड़े शहरों में बढ़ते ट्रैफिक के साथ प्रदूषण भी एक बड़ी समस्या है. मेट्रो जैसे सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलने से निजी वाहनों का इस्तेमाल कम करने में मदद मिल सकती है. अगर ज्यादा लोग कार और बाइक की जगह मेट्रो से सफर करते हैं तो सड़कों पर वाहनों का दबाव और प्रदूषण दोनों कम हो सकते हैं.
कितना होगा पिंक मेट्रो का किराया?
पिंक मेट्रो में यात्रियों को दूरी के हिसाब से किराया देना होगा. न्यूनतम किराया 12 रुपये और अधिकतम 62 रुपये तय किया गया है. यानी लंबी दूरी का सफर करने वाले यात्रियों को मौजूदा पुणे मेट्रो के मुकाबले ज्यादा किराया चुकाना पड़ सकता है. पिंक मेट्रो में 2 किलोमीटर तक की यात्रा के लिए 12 रुपये किराया देना होगा. 2 से 4 किलोमीटर तक के सफर का किराया 25 रुपये, 4 से 8 किलोमीटर के लिए 37 रुपये और 8 से 12 किलोमीटर तक के लिए 43 रुपये तय किया गया है. वहीं, 12 से 18 किलोमीटर की यात्रा के लिए 49 रुपये और 18 किलोमीटर से अधिक दूरी के सफर के लिए अधिकतम 62 रुपये किराया देना होगा.
मौजूदा पुणे मेट्रो नेटवर्क में अधिकतम किराया 35 रुपये है. ऐसे में नई पिंक लाइन पर लंबी दूरी का सफर अपेक्षाकृत महंगा होगा. हालांकि, यात्रियों को ट्रैफिक में फंसने से बचने और सफर का बेहतर विकल्प मिलने का फायदा भी होगा.
पुणे में चार नए मेट्रो कॉरिडोर का भी प्लान
पिंक लाइन के उद्घाटन के साथ ही पुणे मेट्रो के फेज2 की नींव भी रखी जाएगी. इस चरण में करीब 13,500 करोड़ रुपये की लागत से चार नए मेट्रो कॉरिडोर विकसित किए जाने की योजना है. इसका मकसद शहर के उन इलाकों को भी मेट्रो नेटवर्क से जोड़ना है, जहां अभी तक कनेक्टिविटी सीमित है.
पुणे की लाइफलाइन क्यों बन सकती है पिंक मेट्रो?
पुणे तेजी से बढ़ता IT और औद्योगिक शहर है. यहां आबादी के साथसाथ निजी वाहनों की संख्या भी बढ़ रही है. खासकर हिंजवडी जैसे IT हब में ऑफिस टाइम के दौरान ट्रैफिक का दबाव बड़ी चुनौती है. ऐसे में पिंक मेट्रो कई स्तरों पर शहर के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है.



