शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र इस बार दिसंबर के बजाय नवंबर में आयोजित किया जा सकता है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस संबंध में संकेत देते हुए कहा है कि सरकार सत्र की तारीखों को लेकर विचार कर रही है। इसके पीछे मुख्य वजह दिसंबर के दौरान शिमला और धर्मशाला में बढ़ने वाली पर्यटकों की आवाजाही और ट्रैफिक का दबाव है। हालांकि, सत्र कब शुरू होगा, इसे लेकर अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।

दिसंबर में पर्यटन सीजन के कारण बढ़ता है दबाव

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को शिमला में हेलीकॉप्टर सेवा की शुरुआत के मौके पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए शीतकालीन सत्र की संभावित तारीखों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि दिसंबर के महीने में हिमाचल प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों शिमला और धर्मशाला में पर्यटकों की संख्या बढ़ जाती है। इस दौरान सड़कों पर वाहनों की आवाजाही भी काफी अधिक रहती है।

 

 

ऐसे समय में विधानसभा का सत्र आयोजित होने से प्रशासनिक गतिविधियां बढ़ जाती हैं। सरकार के मंत्रियों, विधायकों, अधिकारियों और अन्य लोगों की आवाजाही के कारण शहरों में यातायात व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। इससे स्थानीय निवासियों के साथ-साथ घूमने के लिए आने वाले पर्यटकों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

 

 

इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए सरकार नवंबर में शीतकालीन सत्र आयोजित करने के विकल्प पर विचार कर रही है। सरकार की कोशिश है कि विधानसभा की कार्यवाही भी सुचारू रूप से चले और पर्यटन सीजन के दौरान आम लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

विधानसभा अध्यक्ष के प्रस्ताव के बाद तय होगी तारीख

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नवंबर में सत्र बुलाने का फैसला विधानसभा अध्यक्ष के प्रस्ताव पर निर्भर करेगा। यदि विधानसभा अध्यक्ष की ओर से नवंबर में शीतकालीन सत्र आयोजित करने का प्रस्ताव आता है, तो सरकार इस दिशा में आगे बढ़ सकती है।

 

फिलहाल सत्र की तारीखों को लेकर कोई अंतिम घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विधानसभा अध्यक्ष की ओर से क्या प्रस्ताव दिया जाता है और सरकार किस समय सत्र आयोजित करने पर सहमति बनाती है।

 

 

गौरतलब है कि शीतकालीन सत्र के दौरान प्रदेश से जुड़े विभिन्न राजनीतिक, प्रशासनिक और जनहित के मुद्दों पर चर्चा होती है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। ऐसे में सत्र के समय में संभावित बदलाव को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी नजर बनी हुई है।

अब नवंबर के सत्र पर अंतिम फैसले का इंतजार

कुल मिलाकर, हिमाचल प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र नवंबर में आयोजित करने को लेकर सरकार की ओर से संकेत जरूर मिले हैं, लेकिन अभी इसकी तारीख तय नहीं हुई है। दिसंबर में पर्यटन सीजन के कारण शिमला और धर्मशाला में बढ़ने वाले ट्रैफिक को देखते हुए सरकार समय में बदलाव पर विचार कर रही है। अब अंतिम निर्णय विधानसभा अध्यक्ष के प्रस्ताव और सरकार की आगे की प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।