Ghaziabad News: गाजियाबाद के मोदीनगर में बेटे और बहू ने अपने ही बुजुर्ग माता-पिता पर दरांती से हमला किया। बेटे ने घर में तोड़फोड़ कर आग लगाने का प्रयास भी किया।

गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद के मोदीनगर क्षेत्र में एक बेहद दर्दनाक और रिश्तों को शर्मसार करने वाली घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। हरमुखपुरी कॉलोनी में रहने वाले रमाशंकर (70 वर्षीय) और उनकी पत्नी सुशीला (65 वर्षीय) पर उनके ही बेटे मनोज और बहू किरण ने सोमवार रात को दरांती (चापड़ या गंडासे जैसे धारदार हथियार) से जानलेवा हमला कर दिया। हमले में दोनों बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
घटना की शुरुआत परिवार में लंबे समय से चल रहे मकान के स्वामित्व वाले विवाद से हुई। रमाशंकर और सुशीला का कहना है कि उनका बेटा मनोज पिछले तीन साल से लगातार मकान अपने नाम कराने का दबाव बना रहा था। मनोज की दूसरी शादी है और पहली पत्नी से उसकी तीन बेटियां हैं। वहीं दूसरी पत्नी किरण से होने वाली बेटी के जन्म के बाद सास-ससुर द्वारा ताने मारने की बात भी सामने आई है, जिससे घर में तनाव बढ़ता गया।
Chandigarh: Revamp Your Water [Order Now]NSTrkसोमवार की रात विवाद इतना बढ़ गया कि बुजुर्ग दंपति ने पुलिस में शिकायत करने की बात कही। इसकी भनक लगते ही मनोज और किरण ने गुस्से में हमला बोल दिया। मनोज ने दरांती उठाकर मां-बाप पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे उनके सिर और हाथों में गहरी चोटें आईं और वे लहूलुहान होकर गिर पड़े। बहू किरण ने भी दांतों से काटकर उन्हें और अधिक चोट पहुंचाई। हमले के बाद आरोपियों ने घर में तोड़फोड़ की, कमरे में पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने की कोशिश की, ताकि सबूत मिट जाएं। चीख-पुकार सुनकर पड़ोसियों के पहुंचने पर दोनों फरार हो गए।
पड़ोसियों ने तुरंत गाजियाबाद पुलिस को सूचना दी। घायल सुशीला ने मोदीनगर कोतवाली में तहरीर दी, जिसमें संपत्ति पर कब्जे की मंशा से मारपीट और हत्या के प्रयास का आरोप लगाया गया। पुलिस ने रात में ही दोनों आरोपियों मनोज और किरण को गिरफ्तार कर लिया। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। एसीपी मोदीनगर भास्कर वर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि धारा 307, मारपीट और अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
दोनों घायलों को पहले स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन हालत बिगड़ने पर उन्हें मेरठ के हायर सेंटर रेफर किया गया। डॉक्टरों के अनुसार, उनकी हालत अभी भी गंभीर है लेकिन खतरे से बाहर होने की उम्मीद है।





