भारत ने ग्लोबल मार्केट कैप रैंकिंग में सातवें स्थान से वापस पांचवां स्थान हासिल कर लिया है. वास्तव में ताइवान और दक्षिण कोरिया के मार्केट में गिरावट आने और भारत के शेयर बाजार में तेजी आने के बाद ऐसा देखने को मिला. कोरिया और ताइवान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर सेक्टर में लंबे समय तक चली रिकॉर्डतोड़ तेजी के बाद इन्वेस्टर्स ने तेजी से मुनाफावसूली की. जिसका असर काफी तेजी के साथ देखने को मिला.

भारत का मार्केट कैप अभी 5.05 ट्रिलियन डॉलर है, जबकि ताइवान और दक्षिण कोरिया क्रमशः 4.97 ट्रिलियन डॉलर और 4.66 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट कैप के साथ छठे और सातवें स्थान पर खिसक गए हैं, जिससे दोनों मार्केट 5 ट्रिलियन डॉलर के निशान से नीचे आ गए हैं. अमेरिका शीर्ष स्थान पर बना हुआ है, उसके बाद चीन, जापान और हांगकांग हैं. जून में अब तक ग्लोबल इक्विटी मार्केट का प्रदर्शन कमजोर रहा है, जबकि भारतीय मार्केट ने बेहतर प्रदर्शन किया है. इन्वेस्टर्स ने तेजी वाले टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर शेयरों में मुनाफावसूली जारी रखी, जबकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से और अधिक टैंकरों की आवाजाही शुरू होने से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई.

जून में भारत ने बाकी बाजारों को छोड़ा पीछे

इस महीने के दौरान, भारत के मार्केट कैप में 2.75 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जबकि दक्षिण कोरिया और ताइवान के मार्केट कैप में क्रमशः 4.7 प्रतिशत और 2.3 प्रतिशत की गिरावट आई. मार्केट कैप के हिसाब से दुनिया के सबसे बड़े मार्केट अमेरिका और दूसरे सबसे बड़े मार्केट चीन में इस महीने के दौरान कोई खास बदलाव नहीं हुआ. जापान के मार्केट कैप में 1.06 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि हांगकांग के मार्केट कैप में 8.3 प्रतिशत की गिरावट आई. कनाडा के मार्केट कैप में 3.1 प्रतिशत, यूके के मार्केट कैप में 1.9 प्रतिशत, फ्रांस के मार्केट कैप में 1.1 प्रतिशत और जर्मनी के मार्केट कैप में 5.6 प्रतिशत की गिरावट आई.

भारत मार्केट कैप ) के मामले में दुनिया के टॉप 5 देशों में वापस आया

देश मार्केट कैप मौजूदा साल में रिटर्न मौजूदा महीने में रिटर्न
अमेरिका 79.26 9.86 0.01
चीन 15.23 13.60 0.08
जापान 8.59 11.71 1.06
हांगकांग 6.61 9 8.30
भारत 5.04 4.64 2.75
ताइवान 4.97 52.12 2.34
दक्षिण कोरिया 4.66 73.75 4.70
कनाडा 4.40 4.24 3.07
यूके 3.89 0.15 1.87
फ्रांस 3.45 4.12 1.13
जर्मनी 2.93 5.46 5.63

भारतीय शेयर बाजार में कितनी तेजी?

इस महीने अब तक, डॉलर के हिसाब से भारत के सेंसेक्स और निफ्टी में क्रमशः 3.8 प्रतिशत और 2.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि ब्रॉडर मार्केट BSE मिडकैप 150 इंडेक्स और BSE स्मॉलकैप 250 इंडेक्स में क्रमशः 1.3 प्रतिशत और 4.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई. जानकारों का कहना है कि हाल के सत्रों में भारतीय मार्केट में बढ़ोतरी हुई है, जिसकी वजह ग्लोबल कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट और बेहतर होते वैल्यूएशन हैं. निफ्टी का प्राइसटूअर्निंग्स मल्टीपल लगभग 24x के उच्चतम स्तर से घटकर लगभग 18x हो गया है. विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा इक्विटी में लगभग 1 बिलियन डॉलर की खरीदारी से भी बाज़ार के मूड को सहारा मिला. वहीं, जानकारों का कहना है कि हाल के ट्रेंड्स से पता चलता है कि वेस्ट एशिया संकट कम होने के साथ ही बिकवाली का दबाव भी कम हो रहा है.

इसलिए भी आई जून में तेजी

जानकारों ने इस सकारात्मक माहौल के पीछे रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया के डेट इंस्ट्रूमेंट्स में विदेशी निवेश आकर्षित करने के हालिया उपायों और AI इंफ्रास्ट्रक्चर स्टॉक्स को लेकर उत्साह में कमी के संकेतों को भी वजह बताया है. साथ ही, नैस्डैक की बड़ी टेक कंपनियों और दक्षिण कोरिया में AI से जुड़े स्टॉक्स में उतारचढ़ाव भी देखा जा रहा है. ICICI सिक्योरिटीज के अनुसार, जब कच्चे तेल की कीमत $90100 प्रति बैरल से ऊपर होती है, तो कच्चे तेल की कीमतों और निफ्टी 50 के बीच उल्टा संबंध होता है. इसलिए, कच्चे तेल की कीमतों में हालिया गिरावट भारतीय इक्विटी को सहारा दे सकती है, क्योंकि इससे देश के बाहरी सेक्टर में सुधार होगा और तेल आयात बिल कम होगा.

मौजूदा साल में भारत के बाजार का प्रदर्शन खराब

जून में ग्लोबल स्टॉक मार्केट में गिरावट के बावजूद, सालदरसाल परफॉर्मेंस के मामले में भारत कई बड़े बाज़ारों से पीछे चल रहा है. 2026 में अब तक, डॉलर के हिसाब से भारत का मार्केट कैप 4.8 प्रतिशत गिरा है, जबकि दक्षिण कोरिया का मार्केट कैप 74 प्रतिशत और ताइवान का मार्केट कैप 52 प्रतिशत बढ़ा है. चीन और जापान के मार्केट कैप में क्रमशः 13.5 प्रतिशत और 11.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जबकि अमेरिका और कनाडा के मार्केट कैप में 10 प्रतिशत और 4.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. वहीं, दूसरी ओर हांगकांग का मार्केट कैप 9 प्रतिशत गिरा है, जबकि फ्रांस और जर्मनी के मार्केट कैप में क्रमशः 4.1 प्रतिशत और 5.5 प्रतिशत की गिरावट आई है.