भारतीय रिटेल और टेक बाजार में इस समय ‘क्विक कॉमर्स’ यानी 10 मिनट के भीतर सामान डिलीवर करने का क्रेज सिर चढ़कर बोल रहा है. लेकिन अब इस सेक्टर में एक बड़ा और खतरनाक मोड़ आ चुका है. ईकॉमर्स सेक्टर के दो सबसे बड़े महाबलीअमेजन और फ्लिपकार्ट ने इस बाजार पर कब्जा करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है.

इन दिग्गजों ने बाजार में कदम रखते ही एक आक्रामक ‘प्राइस वॉर’ छेड़ दिया है. एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, जहां अमेजन और फ्लिपकार्ट अंधाधुंध डिस्काउंट और कैशबैक ऑफर्स की बौछार कर रहे हैं, वहीं इस सेगमेंट के मौजूदा लीडर्स—ब्लिंकिट और स्विगी इंस्टामार्ट —फूंकफूंक कर कदम रख रहे हैं और अपने मुनाफे को बचाने के लिए मोर्चे पर डटे हुए हैं.
Blinkit और Instamart प्राइस वॉर से दूर
इंडस्ट्री के अधिकारियों के मुताबिक, Amazon और Flipkart की नई कोशिशों के बीच भारत के क्विककॉमर्स सेक्टर में ज़बरदस्त डिस्काउंट का एक नया दौर शुरू हो गया है, लेकिन पहले से मौजूद Blinkit और Swiggy का Instamart मुनाफा कमाने पर ध्यान देने की वजह से इस प्राइस वॉर से ज्यादातर दूर ही हैं. मार्केट लीडर Blinkit ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में ऑपरेटिंगलेवल पर ब्रेकईवन हासिल किया और चौथी तिमाही में ऑपरेटिंग प्रॉफिट दर्ज किया.
जबकि Instamart इस तिमाही में कॉन्ट्रिब्यूशन मार्जिन ब्रेकईवन का लक्ष्य बना रहा है. पिछले साल, प्रमुख क्विककॉमर्स प्लेटफॉर्म ने यूनिट इकोनॉमिक्स को बेहतर बनाने के लिए कई तरह की फ़ीस और चार्ज लगाए और डिस्काउंट में कटौती की. लेकिन अब, इंडस्ट्री में एक बार फिर डिस्काउंट, कैशबैक और फ़्री ऑफर देखने को मिल रहे हैं क्योंकि बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच कंपनियां कस्टमर्स को आकर्षित करने और उन्हें बनाए रखने की होड़ में लगी हैं.
यहां शुरू हुआ प्राइस वॉर
ईकॉमर्स की बड़ी कंपनी Amazon का क्विककॉमर्स डिवीजन ‘Amazon Now’ ऑर्डर की वैल्यू के आधार पर 50, 100 और 200 रुपए का कैशबैक दे रहा है, जबकि ‘Flipkart Minutes’ ताजी सब्जियों और फलों पर 1 रुपए वाली डील चला रहा है. इंडस्ट्री में दूसरी जगह के लिए Instamart से कड़ी टक्कर ले रही Zepto, कुछ चुनिंदा नॉनग्रॉसरी प्रोडक्ट 9 रुपए में बेच रही है. एक सीनियर क्विककॉमर्स एग्जीक्यूटिव ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि अभी दो बहुत अलगअलग तरह के खेल खेले जा रहे हैं. कुछ कंपनियां कस्टमर्स बनाने पर ध्यान दे रही हैं, जबकि दूसरी कंपनियां टिकाऊ इकोनॉमिक्स पर ध्यान दे रही हैं.
क्या कहती है कोटक की रिपोर्ट?
ब्लिंकिट के संयम के बारे में बताते हुए, उस व्यक्ति ने कहा कि बड़े यूजर बेस वाली कंपनी के लिए हर डिस्काउंट की बराबरी करना जरूरी नहीं कि कैपिटल का सबसे अच्छा इस्तेमाल हो. एग्जीक्यूटिव ने आगे कहा कि एक खास लेवल पर पहुंचने के बाद, मार्जिन में हर परसेंट पॉइंट का सुधार, मार्केट शेयर में हर परसेंट पॉइंट की बढ़त के मुकाबले कहीं ज्यादा एंटरप्राइज वैल्यू बनाता है. यही वह जगह है जहां मौजूदा कंपनियों का फोकस शिफ्ट हुआ है.
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने हाल ही में एक रिपोर्ट में कहा कि इस सेक्टर में कीमतों को लेकर कड़ी टक्कर बनी हुई है. रिपोर्ट में कहा गया कि जेप्टो 99149 रुपए के मिनिमम ऑर्डर वैल्यू पर फ्री डिलीवरी दे रही है, अमेजन कीमतों में छूट और कैशबैक दे रही है, जबकि फ्लिपकार्ट मिनट्स 299 रुपये के मिनिमम ऑर्डर वैल्यू पर छूट दे रही है. “ब्लिंकिट SKU की कीमतों, कार्ट डिस्काउंट और प्लेटफ़ॉर्म फ़ीस के मामले में सबसे ज़्यादा अनुशासित दिख रही है. इंस्टामार्ट भी नई कंपनियों के मुकाबले डिस्काउंट कम कर रही है.?
अमेजन नाउ को 300 शहरों तक फैलाने की योजना
8 जून को ईटी को दिए एक इंटरव्यू में, अमेजन इंडिया के कंट्री मैनेजर समीर कुमार ने कहा कि कंपनी क्विक कॉमर्स में मार्केट लीडर बनने का लक्ष्य रख रही है. पिछले हफ्ते CEO एंडी जैसी की भारत यात्रा के दौरान, अमेजन ने ‘अमेजन नाउ’ को 300 शहरों तक फैलाने की योजना की घोषणा की, जो दो महीने पहले तय किए गए 100 शहरों के लक्ष्य से तीन गुना ज़्यादा है. इस सेक्टर पर नजर रखने वाले एक इन्वेस्टर ने कहा कि हमने ब्लिंकिट, जेप्टो और इंस्टामार्ट के साथ यह सब पहले भी देखा है.
जब आप विस्तार के दौर में होते हैं, तो आप सिर्फ डार्क स्टोर खोलकर यह उम्मीद नहीं कर सकते कि डिमांड अपने आप आ जाएगी. उन स्टोर का इस्तेमाल होना चाहिए, जिसका मतलब है कि आपको ऐसे कस्टमर चाहिए जो बारबार ऑर्डर करें. इसीलिए कंपनियां डिस्काउंट, फ्री ऑफर और परफॉर्मेंस मार्केटिंग पर भारी खर्च करती हैं. अमेजन और फ़्लिपकार्ट अभी इसी स्टेज पर हैं.
क्या चल रही हैं कंपनियों की प्लानिंग?
ब्लिंकिट की योजना मार्च 2027 तक अपने नेटवर्क को 3,000 डार्क स्टोर तक बढ़ाने की है. अमेजन का टारगेट 1,000 स्टोर का है, जबकि फ़्लिपकार्ट का लक्ष्य अगले कुछ महीनों में 1,500 स्टोर तक पहुंचना है. जेप्टो और इंस्टामार्ट, जो दोनों 1,100 से ज़्यादा डार्क स्टोर चलाती हैं, ने तेज़ी से नेटवर्क बढ़ाने की अपनी आक्रामक रणनीति को थोड़ा धीमा कर दिया है. डेटम इंटेलिजेंस के फाउंडर सतीश मीना ने कहा कि ब्लिंकिट के ग्राहक अब सिर्फ भारी डिस्काउंट नहीं चाहते हैं. कंपनी अपने डार्क स्टोर नेटवर्क का विस्तार कर रही है ताकि वह ज्यादा तरह के सामान बेच सके और स्टॉककीपिंग यूनिट्स बढ़ा सके, जिससे ग्राहकों को बनाए रखने में मदद मिलती है.



