Thursday, February 12, 2026
Gazab

चार हत्या और सुसाइड: मनीष के कमरे में तंत्र-मंत्र का जाल, मन्नत की पोटलियों के साथ मिला ये सामान!..

चार हत्या और सुसाइड: मनीष के कमरे में तंत्र-मंत्र का जाल, मन्नत की पोटलियों के साथ मिला ये सामान!..

मथुरा। मथुरा में चार हत्या और सुसाइड में खुलासा हुआ है। मनीष हवेली वाले मंदिर के पुजारी के साथ तंत्र-मंत्र करते थे। कमरे में बड़ी मात्रा में सामान मिला है। पोटलियां भी मिलीं हैं। मनीष ने कामकाज भी छोड़ ही दिया था। खेतों पर जाना भी बंद कर दिया था।

मथुरा के खप्परपुर गांव में चार हत्या और सुसाइड मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। लोगों में एक ही चर्चा थी कि मनीष तंत्र-मंत्र के फेर में पड़ गए थे। वह पुजारी के साथ गांव के बाहर भी आते-जाते थे। तंत्र-मंत्र से इलाज करने का अनुष्ठान भी करने लगे थे।

कमरे में बड़ी मात्रा में जायफल, हवन सामग्री के साथ ही मन्नत की पोटलियां भी रखी मिलीं। इससे साफ है कि मनीष तंत्र-मंत्र में पूरी तरह रम गए थे। मनीष के घर से मोरपंख और लोहवान भी मिला है।

सुबह और शाम मंदिर के बाबा के पास ही जाते थे मनीष

मनीष के चाचा भगवान सिंह ने बताया कि मनीष ज्यादातर अपने काम से काम रखते थे। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। लोगों से ज्यादा बातचीत भी नहीं करते थे। वह सुबह और शाम मंदिर के बाबा के पास ही जाते थे। तंत्र-मंत्र में पड़ गए थे। इन्हीं कामों में लगे रहते थे।

मनीष ने छोड़ ही दिया था कामकाज

भाई सुधीर ने बताया कि मनीष ने कामकाज तो छोड़ ही दिया था। खेतों पर जाना भी छोड़ दिया था। खेत में ट्यूबवेल था। पहले उसका पानी सिंचाई के लिए बेचते थे, लेकिन बाद में ट्यूबवेल भी बंद कर दिया।

उनका पूरा ध्यान मंदिर की सेवा और भगतई में लगा रहता था। मनीष के कमरे में फ्रिज पर एक परचा मिला, जिस पर आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों की सामग्री लिखी हुई है।

जड़ी बूटियां भी मिलीं

इन जड़ी बूटियों में कांकड़ सिग्धी, मनेसिल, केसर, तगर, कुट, बच आदि लिखी मिलीं। यह सभी जड़ी बूटियां याददाश्त बढ़ाने, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के निदान के उपयोग में लाई जाती हैं।

बेच डाली साढ़े चार बीघा जमीन
मनीष के भाई सुधीर सिंह ने बताया कि करीब पांच पहले बंटवारा हुआ था। मनीष के पास छह बीघा जमीन थी। इसमें से दो बार में साढ़े चार बीघा जमीन बेच दी थी।

अब उनके पास केवल डेढ़ बीघा जमीन बची थी। वहीं ससुराल में उन्हें करीब छह बीघा जमीन मिलनी थी, लेकिन यह कच्चे बीघा हैं, ऐस में इनकी कीमत कम है, जबकि गांव की जमीन सड़क किनारे थे, उसके अच्छे दाम मिल रहे थे।

बेटा, बहू और तीन बच्चों के एक साथ शव देख बदहवास हुई मां
मथुरा में बेटा-बहू व तीनों बच्चों की मौत की खबर सुनने के बाद मनीष की मां श्यामवती बदहवास हो गईं। बिलखते हुए चिल्ला-चिल्ला कर बोलीं, मेरा बेटा ससुराल वालों से परेशान था। हर तीसरे-चौथे दिन अपनी सास को सादाबाद छोड़ने व उन्हें इलाज के लिए अस्पताल लेकर जाता था। ऐसी ही परेशानियों के बोझ तले दबकर उसने यह कदम उठाया है। मां का रुदन देखकर लोगों का कलेजा कांप उठा।

मनीष के पिता रामकिशन का पहले ही निधन हो चुका है। मां श्यामवती छोटे भाई जयकिशन के साथ रहती हैं। सुबह उन्हें सूचना मिली कि मनीष, उसकी पत्नी सीमा और तीनों बच्चों के शव कमरे में पड़े हैं। यह सुनते ही वह बदहवास हो गईं।

‘मुझे पहले से ही ससुराल वालों पर शक था’
मौजूद लोग उन्हें मनीष के घर लेकर पहुंचे तो एक साथ पांच शव देख वे सिर पटक-पटक कर रोने-बिलखने लगीं। विलाप करते हुए बोलीं, मुझे पहले से ही ससुराल वालों पर शक था कि वह मेरे बेटे को परेशान कर रहे हैं।

‘सास पैरालिसिस से ग्रसित थीं’
मेरा बेटा भूखा-प्यास सुबह से ही ससुर विजेंद्र के साथ बीमार सास वीरेन के उपचार के लिए घर से निकल जाता था। सास पैरालिसिस से ग्रसित थीं। सीमा मां-बाप की इकलौती बेटी थी। सोमवार को सास के उपचार के बाद कार से उन्हें छोड़ने के लिए सादाबाद के मढ़नई गांव गए थे। साथ ही ससुर से मंगलवार को बच्चों के साथ आने का वादा किया था। वह बोलीं कि मनीष ने अपना दर्द किसी को नहीं बताया और सारे दुख अपने साथ लेकर मर गया।

मथुरा में किसान ने सुसाइड नोट छोड़ पत्नी, तीन बच्चों की हत्या कर दी जान
मथुरा के महावन तहसील के गांव खप्परपुर में दिल दहलाने वाली घटना हुई। किसान ने अपने तीन मासूम बच्चों और पत्नी की हत्या करने के बाद खुद को करंट लगाकर खुदकुशी कर ली। दीवार पर सुसाइड नोट लिखा मिला है, हम अपनी मर्जी से जान दे रहे हैं, किसी को परेशान नहीं किया जाए।

घटना से पहले डायरी और वीडियो में भी सुसाइड नोट मिला है। एडीजी अनुपम कुलश्रेष्ठ, डीआईजी शैलेष पांडेय, डीएम, एसएसपी ने घटनास्थल पर पहुंचकर जानकारी ली। घटना के पीछे मानसिक अवसाद सहित अन्य पहलुओं पर जांच की जा रही है।

मनीष की 8 साल पहले सीमा से हुई शादी
खप्परपुर गांव में अनुसूचित जाति के दिवंगत किसान रामकिशन के तीन बेटों में मंझले बेटे मनीष (35) अपनी पत्नी सीमा (30), तीन बच्चों प्रियांशी (6), हनी (5) और ढाई साल के प्रतीक के साथ गांव में ही रहते थे। मनीष की 8 साल पहले हाथरस के गांव मढ़नई निवासी सीमा से शादी हुई थी।

मनीष और दोनों भाई सुधीर व बंटी उर्फ जयकिशन के घर भी आसपास हैं। मां श्यामवती (70) दूसरे भाइयों के साथ रहती हैं। तीनों भाई अलग-अलग खेतीबाड़ी है। एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि मंगलवार सुबह 9 बजे तक मनीष के बच्चे घर के बाहर दिखाई नहीं दिए।

बेड पर पड़े थे तीन शव
इस पर बड़े भाई सुधीर ने मनीष के घर का दरवाजा खटखटाया मगर काफी देर तक जवाब नहीं मिला। दीवार फांदकर अंदर घुसे, अनहोनी की आशंका पर उन्होंने आसपास के लोगों को बुलाकर दरवाजा तोड़कर देखा तो मनीष का शव जमीन पर पड़ा था, जबकि सीमा, हनी और बेटे के शव डबल बेड पर पड़े थे।

बेड पर ही मिला लोहे का मूसल
प्रियांशी का शव चारपाई पर था। यह देखकर चीखपुकार मच गई। कुछ ही देर में सैकड़ों लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। बेड पर ही पुलिस को लोहे का मूसल मिला। पास में रस्सी पड़ी थी।

कमरे की दीवार पर लिखा मिला कि ‘हम अपनी मर्जी से जान दे रहे हैं, किसी को परेशान नहीं किया जाए।’ इसी तरह पॉकेट डायरी के पन्नों पर लिखा था कि ‘मैं मनीष और सीमा अपनी मर्जी से मरे हैं। पुलिस किसी को परेशान नहीं करे-मनीष।’ दूसरे पन्ने पर लिखा था ‘सतीश विरामपुर वाले पर प्लॉट के पैसे हैं उसके जीजा लक्ष्मण प्रसाद (गोवर्धन) वाले पर। 126000 आए, 7 लाख और हैं।’ इसी तरह डायरी में भी तीन पन्नों का सुसाइड नोट मिला है।

me.sumitji@gmail.com

Leave a Reply