Friday, February 13, 2026
Crime

पहले डालाˈ खौलता तेल, ऊपर से डाल दी लाल मिर्च… पत्नी का ऐसा खौफ चीख तक न सका पतिˌ

पहले डालाˈ खौलता तेल, ऊपर से डाल दी लाल मिर्च… पत्नी का ऐसा खौफ चीख तक न सका पतिˌ
पहले डालाˈ खौलता तेल, ऊपर से डाल दी लाल मिर्च… पत्नी का ऐसा खौफ चीख तक न सका पतिˌ

दिल्ली, के मदनगीर इलाके में एक ऐसी घटना घटी, जो सुनकर किसी का भी कलेजा सिहर जाए. कहानी है दिनेश कुमार की, एक 28 साल के जवान आदमी की जो अपनी चार साल की मासूम बेटी के साथ रात को सो रहा था. दिनेश एक फार्मास्यूटिकल कंपनी में काम करता है. उसकी जिंदगी में सब कुछ ठीक चल रहा लगता था, लेकिन अंदर ही अंदर एक आग सुलग रही थी- पत्नी साधना से लगातार झगड़े. दोनों उत्तर प्रदेश के रायबरेली के रहने वाले हैं. आठ साल पहले शादी हुई थी, लेकिन वैवाहिक जीवन खुशहाल नहीं रहा. छोटी-छोटी बातों पर कलह, घरेलू झगड़े ये सब आम हो गया था. वे कई सालों से मदनगीर में किराए के मकान में रहते थे. लेकिन 2 अक्टूबर की रात ने सब कुछ बदल दिया.

रात के करीब 3:15 बजे का वक्त था. दिनेश और उसकी बेटी गहरी नींद में थे. अचानक दिनेश को शरीर पर तेज जलन महसूस हुई. आंखें खोलीं तो देखा, उसकी पत्नी साधना उसके ऊपर खौलता हुआ तेल उड़ेल रही है! ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। चेहरा, धड़- हर जगह आग की तरह जलन. दिनेश दर्द से तड़प उठा. लेकिन साधना रुकी नहीं. उसने तुरंत मिर्च पाउडर निकाला और दिनेश के घावों पर छिड़क दिया. दर्द दोगुना हो गया. साधना ने सख्त आवाज में धमकी दी, ‘अगर तूने शोर मचाया तो और गर्म तेल डाल दूंगी!’ दिनेश का मुंह दर्द से बंद सा हो गया, लेकिन चीखें तो निकलीं ही. वे चीखें इतनी तेज थीं कि मकान मालिक तक पहुंच गईं.

कमरे का दरवाजा अंदर से बंद करके…
मकान मालिक ने फौरन ऊपर दौड़ लगाई. कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था. उन्होंने जोर-जोर से दरवाजा खटखटाया. अंदर से साधना की आवाज आई, लेकिन दरवाजा नहीं खुला. मकान मालिक ने दिनेश के साले राम सागर को फोन किया. उधर, मकान मालिक की बेटी अंजलि भी जाग गई. उसने बताया, ‘पापा ऊपर गए तो दरवाजा बंद था. साधना ने अंदर से ताला लगा रखा था.’ आखिरकार दरवाजा खुला. अंदर का नजारा देखकर सब सन्न रह गए. दिनेश जमीन पर लोट-पोट हो रहा था, दर्द से चीख रहा था. साधना कहीं छिपी हुई थी. मकान मालिक ने बीच-बचाव की कोशिश की, तो साधना ने कहा, ‘मैं अपने पति को अस्पताल ले जा रही हूं.’ सबने राहत की सांस ली.

मकान मालिक को हुआ शक
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई. साधना दिनेश को उठाकर बाहर निकली। मकान मालिक ने ऑटो का इंतजाम किया. लेकिन जैसे ही ऑटो चला, अंजलि को शक हुआ. साधना अस्पताल की तरफ नहीं, उल्टी दिशा में जा रही थी! मकान मालिक ने फौरन रोका. साधना को अलग किया और दिनेश को अकेले ही ऑटो में बिठाकर मदन मोहन मालवीय अस्पताल भेज दिया. वहां डॉक्टरों ने देखा तो हालत गंभीर लगी. बेहतर इलाज के लिए दिनेश को सफदरजंग अस्पताल शिफ्ट कर दिया गया. उसके शरीर पर गहरे जलन के निशान थे, चेहरा सूजा हुआ, दर्द बर्दाश्त से बाहर.

मामले की जांच जारी
सुबह होते ही दिनेश ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. डिप्टी कमिश्नर अंकित चौहान ने बताया, ‘यह हमला पति-पत्नी के पुराने झगड़ों का नतीजा लगता है. लंबे समय से वैवाहिक विवाद चल रहा था.’ पुलिस ने केस दर्ज कर लिया. साधना फरार है, तलाश जारी है. वहीं फिलहाल मामले की जांच जारी है.

me.sumitji@gmail.com

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