Thursday, February 19, 2026
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सेंधा नमक केˈ साथ पशुओं को खिलाएं 250 ग्राम ये चीज, नहीं पड़ेंगे बीमार.. दोगुना हो जाएगा दूधˌ

सेंधा नमक केˈ साथ पशुओं को खिलाएं 250 ग्राम ये चीज, नहीं पड़ेंगे बीमार.. दोगुना हो जाएगा दूधˌ
सेंधा नमक केˈ साथ पशुओं को खिलाएं 250 ग्राम ये चीज, नहीं पड़ेंगे बीमार.. दोगुना हो जाएगा दूधˌ

Animal Feed: दिसंबर की दस्तक के साथ ही कड़ाके की सर्दी शुरू हो गई है. इससे इंसान के साथ-साथ फसलों के ऊपर भी असर पड़ा है. लेकिन सबसे ज्यादा काड़के की ठंड से मवेशी प्रभावित हुए हैं.

इससे दुधारू मवेशियों का दूध उत्पादन कम हो गया है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। उनकी तबीयत भी खराब होने लगी है. जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. ऐसे में किसानों की चिंता बढ़ गई है. लेकिन किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है. हम अच्छी तरह से देखरेख और आहार में बदलाव कर मवेशियों का दूध उत्पादन पढ़ा सकते हैं. बस इसके लिए किसानों को नीचे बताए गए देसी तरीकों को अपनाना होगा.

पशु चिकित्सकों के मुताबिक, अधिक ठंड पड़ने पर दुधारू मवेशियों के हेल्थ पर सबसे अधिक असर पड़ता है. कई बार गाय-भैंस दूध कम देने लगती हैं, क्योंकि सर्दियों में पशुओं की पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है, जिससे दूध उत्पादन घटता है. इसे सुधारने के लिए रोजाना चारे में 50 ग्राम सेंधा नमक मिलाकर खिलाना चाहिए. सेंधा नमक पाचन सही करता है और शरीर में जरूरी मिनरल्स की कमी पूरी करता है. चिकित्सकों का कहना है कि सर्दी के मौसम में जो पशु सामान्यरूप से 3 से 4 लीटर दूध देते हैं, वे इस नुस्खे से 6 से 7 लीटर तक दूध देने लगते हैं. यानी दूध देने की क्षमता सीधे डबल हो जाएगी.

चारे में 250 ग्राम गुड़ देना भी है जरूरी

एक्सपर्ट के मुताबिक, सेंधा नमक के साथ रोजाना चारे में 250 ग्राम गुड़ देना भी जरूरी है. गुड़ शरीर में गर्माहट बनाए रखता है और ऊर्जा बढ़ाता है, जिससे पशु सर्दियों में भी स्वस्थ रहते हैं. इसके अलावा रात में पशुओं के पास अलाव जलाना या उन्हें टाट के बोरे से ढकना चाहिए. इससे ठंड नहीं लगती, पाचन सही रहता है और दूध उत्पादन पर अच्छा असर पड़ता है. साथ ही पशुओं को ठंड भी नहीं लगती है. वे स्वस्थ्य रहते हैं.

गौशाला में इस तरह की करें व्यवस्था

पशु चिकित्सकों की माने तो जहां पशु रहते हैं, वहां गंदगी, नमी या जमा पानी बिल्कुल न रहने दें, क्योंकि इससे सर्दियों में इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है. इंफेक्शन होने पर पशु बीमार पड़ते हैं और दूध कम हो जाता है. चारा देते समय भी ध्यान रखें कि उसमें कोई कीड़ा या खराब चीज न हो, क्योंकि ठंड में खराब चारा जल्दी बीमारी फैलाता है. अगर पशुपालक इन आसान बातों और घरेलू नुस्खों को रोजमर्रा की देखभाल मेंशामिल कर लें, तो ठंड में भी पशु ज्यादा दूध देंगे और स्वस्थ रहेंगे.

me.sumitji@gmail.com

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