दक्षिणपश्चिम मानसून की उत्तर प्रदेश से पूरी तरह विदाई हो गई है. 23 सितंबर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश से मानसून की वापसी शुरू हुई. वहीं 3 अक्टूबर को मानसून ने पूरे प्रदेश से विदा हो गया. उत्तर प्रदेश में मानसून2026 कुल 95 दिन रहा. इस बीच प्रदेश में सामान्य से 8 फीसदी बारिश हुई है. मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक उत्तर भारत में मानसूनी बारिश में कमी, आसमान साफ होने और सतही स्तर पर उत्तरी तथा उत्तरपश्चिमी हवाओं के प्रभाव से वातावरण में नमी कम हुई.

वहीं गुजरात और उससे सटे राजस्थान के ऊपर बने प्रतिचक्रवात ने भी मानसून की वापसी के लिए अनुकूल परिस्थितियां तैयार कीं. उन्होंने बताया कि यूपी मानसून का सामान्य आगमन 18 जून माना जाता है, लेकिन इस साल मानसून 12 दिन की देरी से 30 जून को आया. इसके बाद 2 जुलाई तक पूरे प्रदेश को कवर कर लिया. इसी प्रकार मानसून की सामान्य वापसी की तारीख 5 अक्टूबर मानी जाती है. इसके मुकाबले इस बार मानसून 3 अक्टूबर को ही पूरे प्रदेश से विदा हो गया.

8 फीसदी ज्यादा हुई बारिश

मानसून यानी 1 जून से 30 सितंबर 2026 के दौरान उत्तर प्रदेश में कुल 802.9 मिमी बारिश दर्ज की गई. प्रदेश का दीर्घावधि औसत 746.2 मिमी है. इस लिहाज से प्रदेश में 8 फीसदी अधिक बारिश हुई. इसे सामान्य श्रेणी में रखा गया है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में 799.2 मिमी के दीर्घावधि औसत के मुकाबले 817 मिमी बारिश, यानी 2 फीसदी अधिक बारिश हुई. वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 672 मिमी के औसत के मुकाबले 782.7 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो औसत से 16 फीसदी अधिक है.

चित्रकूट में सबसे ज्यादा बारिश

मानसून सीजन में चित्रकूट सबसे अधिक बारिश वाला जिला रहा. यहां कुल 1358.1 मिमी बारिश दर्ज की गई. प्रदेश के कुल 14 जिलों में 1000 मिमी से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई.वहीं 37 जिलों में औसत से कम बारिश दर्ज हुई है. मौसम विभाग के मुताबिक मानसून के दौरान प्रदेश के 37 जिलों में दीर्घावधि औसत से कम बारिश दर्ज की गई. इनमें सोनभद्र, बुलंदशहर, मिर्जापुर, अंबेडकरनगर, बस्ती, महराजगंज, अयोध्या, रायबरेली, सीतापुर, बलिया, हाथरस, झांसी, श्रावस्ती, आजमगढ़, गाजीपुर, उन्नाव, चंदौली, गोरखपुर, गौतमबुद्धनगर, सिद्धार्थनगर, मैनपुरी, सहारनपुर, कौशांबी, अमेठी, संतकबीरनगर, अलीगढ़, मथुरा, पीलीभीत, हापुड़, मऊ, कानपुर देहात, जौनपुर, भदोही, कुशीनगर, गाजियाबाद, देवरिया और शामली शामिल हैं.

यहां ज्यादा हुई बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक 37 जिलों में दीर्घावधि औसत से अधिक बारिश दर्ज की गई. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इनमें संभल, महोबा, हमीरपुर, कानपुर सिटी, बांदा, चित्रकूट, कन्नौज, मेरठ, एटा, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, बहराइच, प्रयागराज, खीरी, फिरोजाबाद, शाहजहांपुर, इटावा, जालौन, फर्रुखाबाद, मुरादाबाद, बरेली, प्रतापगढ़, औरैया, ललितपुर, लखनऊ, वाराणसी, बदायूं, बाराबंकी, बलरामपुर, फतेहपुर, कासगंज, हरदोई, सुलतानपुर, अमरोहा, रामपुर, गोंडा और बागपत शामिल हैं.

9 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

मानसून के आंकड़ों में 9 जिलों में सामान्य से अत्यधिक यानी LARGE EXCESS बारिश दर्ज की गई. इनमें बांदा, चित्रकूट, कन्नौज, कानपुर सिटी, एटा, हमीरपुर, महोबा, मेरठ और संभल शामिल हैं. वहीं 17 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई. इनमें बहराइच, फर्रुखाबाद, खीरी, लखनऊ, प्रतापगढ़, प्रयागराज, वाराणसी, औरैया, बरेली, बिजनौर, इटावा, फिरोजाबाद, जालौन, ललितपुर, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर और शाहजहांपुर शामिल हैं.

16 जिलों में बारिश सामान्य से कम

प्रदेश के 16 जिलों में मानसूनी बारिश सामान्य से कम यानी DEFICIENT रही. इनमें अमेठी, भदोही, गोरखपुर, जौनपुर, कानपुर देहात, कौशांबी, मऊ, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, अलीगढ़, गौतमबुद्धनगर, हापुड़, मैनपुरी, मथुरा, पीलीभीत और सहारनपुर शामिल हैं. वहीं देवरिया, कुशीनगर, गाजियाबाद और शामली में बारिश सामान्य से अत्यधिक कम यानी LARGE DEFICIENT रही.