मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान-अमेरिका-इजराइल युद्ध का असर अब भारत में भी दिखाई देने लगा है. भोपाल में ऑयल कंपनियों ने एहतियात के तौर पर कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई फिलहाल रोक दी है.

MP Cylinder Crisis: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और ईरान-अमेरिका-इजराइल के बीच बढ़ते युद्ध के असर अब भारत में भी महसूस किए जाने लगे हैं. भोपाल में ऑयल कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई फिलहाल रोकने का फैसला लिया है. इस निर्णय का सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट, मैरिज गार्डन और दूसरे आयोजनों पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है.
बताया जा रहा है कि इससे पहले ऑयल कंपनियों ने घरेलू गैस सिलेंडर की डिलीवरी का समय भी बढ़ाकर 25 दिन कर दिया था. ऐसा इसलिए किया गया ताकि गैस की सप्लाई सामान्य बनी रहे और लोग जरूरत से ज्यादा सिलेंडर रिफिल न कराएं. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। अब कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई रोके जाने से कई कारोबार प्रभावित हो सकते हैं.
गैस एजेंसियों को क्या मिला मैसेज?
गैस एजेंसी संचालकों के मुताबिक ऑयल कंपनियों की ओर से निर्देश जारी किए गए हैं कि फिलहाल कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई रोक दी जाए. इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) के एरिया मैनेजर संदीप चावला ने बताया कि अभी गैस की कोई तत्काल कमी नहीं है, लेकिन ईरान से जुड़ी युद्ध जैसी स्थिति को देखते हुए एहतियात के तौर पर यह फैसला लिया गया है.
उनका कहना है कि यदि युद्ध की स्थिति आगे भी बनी रहती है तो भविष्य में एलपीजी की उपलब्धता को लेकर परेशानी हो सकती है. इसी कारण घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देते हुए कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई अस्थायी रूप से रोकने का फैसला लिया गया है.
कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई बंद, कहां पड़ेगा असर?
कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई बंद होने का सबसे ज्यादा असर होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर पड़ सकता है. राजधानी भोपाल में करीब ढाई हजार रेस्टोरेंट, छोटे-बड़े होटल और लगभग एक हजार रेहड़ी-पटरी की दुकानें हैं, जहां कमर्शियल गैस सिलेंडर का इस्तेमाल होता है. जानकारी के मुताबिक भोपाल में रोजाना करीब 10 हजार से ज्यादा कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई होती है. ऐसे में इसकी आपूर्ति रुकने से इन प्रतिष्ठानों के संचालन पर सीधा असर पड़ने की आशंका है.
कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में कितना इज़ाफा हुआ?
इस बीच हाल ही में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी बढ़ोतरी की गई है. पहले इसकी कीमत करीब 1773 रुपये थी, जिसे बढ़ाकर 1888 रुपये कर दिया गया है. ऐसे में रेस्टोरेंट संचालक सवाल उठा रहे हैं कि जब कीमतें बढ़ा दी गई हैं तो फिर इसकी सप्लाई क्यों रोकी जा रही है.
कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई पर रोक का असर आने वाले शादी समारोहों पर भी पड़ सकता है. होली के बाद विवाह समारोहों का सीजन शुरू हो चुका है और खरमास शुरू होने से पहले कुछ ही शुभ मुहूर्त बाकी हैं. राजधानी भोपाल में करीब 150 मैरिज गार्डन हैं, जहां पहले से ही शादी समारोहों की बुकिंग हो चुकी है. बताया जा रहा है कि आने वाले समय में शहर में लगभग एक हजार विवाह समारोह होने हैं. ऐसे में कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई रुकने से इन आयोजनों के सामने भी दिक्कतें खड़ी हो सकती हैं. अब यह देखना होगा कि इस स्थिति को लेकर प्रदेश सरकार आगे क्या कदम उठाती है.



