कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ के बाद पुलिस ने आयोजकों और निजी सुरक्षा कर्मियों को हिरासत में लिया है. हादसे के बाद चोरबागान की पूजा रोक दी गई है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सप्तमी की रात इसकी घोषणा करते हुए बताया कि घटना में 19 लोगों की मौत हुई है, जबकि 35 लोग घायल हुए हैं. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। घायलों को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इनमें से एक की हालत गंभीर बताई गई है.

हादसे के बाद राज्य सरकार ने कोलकाता की कई बड़ी दुर्गा पूजाओं, जिनमें ताला प्रत्यय और चेतला अग्रणी भी शामिल हैं, के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार के अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी घटना पर शोक व्यक्त किया है.
मुख्यमंत्री ने बताया, कैसे बिगड़े हालात?
सप्तमी की शाम मां दुर्गा के दर्शन के लिए चोरबागान पंडाल में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। इसी दौरान बाहर तेज बारिश होने लगी और पंडाल के अंदर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने TV9 बांग्ला के मैनेजिंग डायरेक्टर अमृतांशु भट्टाचार्य को फोन पर घटना की जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें रात 8:20 बजे इसकी सूचना मिली थी.
मुख्यमंत्री के मुताबिक, इंचार्ज ACP से जानकारी मिलने के बाद माइक से घोषणाएं की गईं, लेकिन इसी दौरान वहां भीड़ जमा हो गई. उन्होंने बताया कि पुलिस और प्रशासन को घटना की जानकारी मिलते ही कार्रवाई शुरू कर दी गई.
STF, फोरेंसिक और दमकल विभाग को सौंपी गई जांच
मुख्यमंत्री ने कहा कि हादसे की शुरुआती जांच के लिए STF, फोरेंसिक टीम और दमकल विभाग को जिम्मेदारी दी गई है. उन्होंने बताया कि घटना से जुड़े CCTV फुटेज जुटाए जा रहे हैं और सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की कमी की भी जांच होगी.
उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर सुरक्षा संबंधी कमियों को दूर करने के बाद ही पंडाल को दोबारा खोलने पर फैसला लिया जाएगा. घटना की विस्तृत पड़ताल के लिए फैक्टफाइंडिंग टीम भी बनाई जाएगी.
बड़ी पूजा समितियों को मुख्यमंत्री की नसीहत
शुभेंदु अधिकारी ने शहर में बड़े स्तर पर दुर्गा पूजा आयोजित करने वाली समितियों को भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि कई पंडालों में भारी भीड़, थीम आधारित सजावट, कम रोशनी और संकरे रास्तों जैसी स्थितियों की जांच की गई है.
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि हादसे के बाद गृह मंत्री समेत मंत्रियों और विधायकों के कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं. उन्होंने मृतकों के परिवारों से मिलने और मुआवजे की घोषणा करने की बात भी कही. मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और घटना की जांच के बाद जरूरी कदम उठाए जाएंगे.
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