केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह मंगलवार को पंजाब के दौरे के दौरान लुधियाना में चिट्टा रूपी रावण का दहन किया. चिट्टा एक सफेद रंग का सिंथेटिक या कृत्रिम रूप से तैयार किया जाने वाला नशीला पदार्थ है. पंजाब में नशा एक गंभीर चिंता विषय बन चुका है. स्थिति कुछ ऐसी है कि पंजाब में लगभग 30 लाख लोगों को किसी न किसी रूप में नशीले पदार्थों की लत लग चुकी है.

विभिन्न खुफिया रिपोर्ट और सुरक्षा एजेंसियों के अनुमानों के अनुसार पंजाब में हर वर्ष लगभग 8,000 करोड़ रुपये तक का अवैध ड्रग्स का कारोबार होता है. सोचिए आप कैसे नशा पंजाब के युवा वर्ग को अंदर से खोखला कर रहा है. नशे के खिलाफ अभियान और संकल्प के साथ मंगलवार को अमित शाह पंजाब दौरे पर गए. इस दौरान अमित शाह गुरदासपुर, संगरूर और मानसा गए, जहां उन्होंने एंटी ड्रग एक्टिविस्ट के परिवारवालों से मुलाकात की. ये वो परिवार हैं जिन्होंने ड्रग के खिलाफ आवाज उठाने की कीमत चुकाई है.
अमित शाह ने ना सिर्फ आज पंजाब को नशामुक्त बनाने की घोषणा की है बल्कि हर परिवार को इंसाफ मिलने का भरोसा भी दिया है.सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। अमित शाह के मानसा दौरे की, जहां उन्होंने नशा विरोधी एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा के परिवारवालों से मुलाकात की. झोटा के पिता भीम सिंह ने बताया अमित शाह ने उन्हें एकदो दिन में इंसाफ मिलने का भरोसा दिया है.
आपको बता दें मंगलवार सुबह ही पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि परविंदर झोटा के मर्डर की जांच सीबाआई को दी गई है. अमित शाह ने भी CBI जांच से दोषी को जेल तक पहुंचाने का ऐलान किया है. लुधियाना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उन्होंने कई बड़ी बातें कहीं…. इस दौरान उन्होंने 7 संदेश भी दिए.
AAP सरकार में युवा नशे की लत का शिकार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि पंजाब के गांवों में नशीले पदार्थों का कारोबार बड़े पैमाने पर फैला हुआ है. उन्होंने घोषणा की कि सरकार अब CBI जांच के जरिए दोषियों को जेल भिजवाना सुनिश्चित करेगी. अमित शाह ने कहा कि पंजाब में नशीले पदार्थों का कारोबार बेकाबू हो गया है और राज्य के हालात बेहद चिंताजनक हैं. आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उनके शासन में युवा नशे की लत का शिकार हो गए हैं. पंजाब के मुख्यमंत्री का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भगवंत मान पंजाब को नशा मुक्त नहीं बना पाएंगे. उन्होंने पूरे देश को नशा मुक्त बनाने के अपने संकल्प को दोहराया.
पंजाब में बढ़ा नशे का कारोबार
अमित शाह ने कहा, “मैं आज यहां पंजाब सरकार और उसके नेतृत्व को यह याद दिलाने आया हूं कि आपने पंजाब में सत्ता संभालते समय तीन महीने के भीतर नशीले पदार्थों के कारोबार को खत्म करने का वादा किया था, लेकिन पांच साल बीत चुके हैं. यह कारोबार दिनबदिन बढ़ता ही जा रहा है. पंजाब में AAP सरकार चलाने वालों को शर्म आनी चाहिए.”
बंदरगाहों से जब्त किया नशा
शाह ने कहा, “वे हम पर आरोप लगाते हैं कि नशीले पदार्थ गुजरात के बंदरगाहों के जरिए आते हैं. गुजरात और महाराष्ट्र के बंदरगाहों से 20,000 करोड़ रुपये की कीमत के नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं. वे क्या कहना चाहते हैं कि हमें ये जब्तियां नहीं करनी चाहिए? और ये नशीले पदार्थ, छोटेछोटे पैकेटों में बंटने के बाद, पंजाब तक कैसे पहुंच जाते हैं? हम इसे रोकने के लिए काम कर रहे हैं, फिर भी आप ही हम पर आरोप लगा रहे हैं!”
पंजाब की जनता से किया वादा
अमित शाह ने पंजाब की जनता से यह भी वादा किया कि जिन मामलों को आपने हमें सौंपा है, उनमें हर एक आरोपी, चाहे वह कितना भी ताकतवर या प्रभावशाली क्यों न हो, उसे ढूंढ निकाला जाएगा, भले ही वह पाताल में ही क्यों न छिपा हो, और उसे कानून के सामने लाया जाएगा. मैं मुख्यमंत्री से भी अपील करना चाहता हूं: चूंकि आप इन मामलों को संभालने में असमर्थ हैं, इसलिए कृपया बाकी बचे दो मामले भी CBI को सौंप दें.
अमित शाह ने कहा, “आज, मैं पंजाब की जनता से एक बार फिर वादा करना चाहता हूं कि 31 दिसंबर 2029 तक, हम पंजाब से नशीले पदार्थों के कारोबार को पूरी तरह खत्म कर देंगे. नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि जो कोई भी इस कारोबार को बढ़ाने की कोशिश करेगा, उसे सलाखों के पीछे भेजा जाएगा.” अमित शाह ने गुरदासपुर में दिवंगत बिक्रमजीत के परिवार से मुलाकात की.
प्रभारी कार्रवाई में विफल सरकार
शाह ने कहा कि पंजाब में कई दशकों से नशे की समस्या तेजी से बढ़ी है, और नई पीढ़ी लगातार इसकी लत की शिकार हो रही है. पंजाब के सभी विपक्षी दल नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ लगातार आवाज उठाते रहे हैं. अमित शाह ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार युवाओं को नशे की लत के जाल से निकालने या ड्रग माफिया के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई करने में पूरी तरह विफल रही है.
अमित शाह ने मंगलवार सुबह, गुरदासपुर में बिक्रमजीत के परिवार से मुलाकात की और उनके साथ लगभग 20 मिनट बिताए. मुलाकात के दौरान, उन्होंने बिक्रमजीत की मां सुरजीत कौर के पैर छुए और परिवार को सीबीआई जांच कराने तथा न्याय दिलाने का भरोसा दिया. केंद्र सरकार ने इस मामले को लेकर पंजाब सरकार से पहले ही रिपोर्ट मांगी है.
अमित शाह के 7 संदेश
- पंजाब के गांवगांव में नशे का कारोबार हो रहा है
- सरकार अब CBI जांच से दोषियों को जेल भेजेगी
- पंजाब में नशे का कारोबार बेलगाम है
- पंजाब की स्थिति ने झकझोर दिया है
- आप की सरकार में युवा नशे की चपेट में है
- भगवंत मान से नशामुक्त पंजाब ना हो पाएगा
- पूरे देश को नशा मुक्त बनाने का संकल्प है.
दिवंगत गुलजार सिंह के परिवार से मिले शाह
संगरूर में मंगलवार को अमित शाह ने गुलजार सिंह के परिवार से भी मुलाकात की, जिन्होंने कुछ दिन पहले आत्महत्या कर ली थी. उन्होंने परिवार के साथ 10 से 12 मिनट बिताए. दिवंगत बिक्रमजीत सिंह के परिवार ने कहा, “हमने न्याय की मांग की है; हमने जोर देकर कहा है कि न्याय मिलना चाहिए और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए. नशे ने सब कुछ बर्बाद कर दिया है; पंजाब से नशे की इस समस्या को पूरी तरह खत्म किया जाना चाहिए. हम नहीं चाहते कि जो हमारे परिवार के साथ हुआ, वह किसी और के परिवार के साथ हो.” उन्होंने बताया कि उन्हें भरोसा दिलाया गया है कि उनकी सभी मांगें पूरी की जाएंगी। उनकी पूरी बात सुनी गई.
अमित शाह ने न्याय दिलाने का किया वादा
उन्होंने मां को आश्वासन दिया कि उन पर जो भारी दुख टूटा है, उसके लिए न्याय दिलाने की वे हर संभव कोशिश करेंगे. उन्होंने परिवार को पूरा भरोसा दिलाया कि इस घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को सजा दिलाई जाएगी. दिवंगत गुलजार सिंह के बेटे लखविंदर सिंह ने बताया कि अमित शाह ने पूरा न्याय दिलाने का वादा किया है और कहा है कि दोषियों को जेल भेजा जाएगा.
पंजाब में नशीले पदार्थों के सेवन का बड़ा मुद्दा
पंजाब में नशे या नशीले पदार्थों के सेवन का मुद्दा बेहद संवेदनशील और भावनात्मक रहा है. पारंपरिक रूप से, राज्य में अकाली दल, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी का प्रभाव रहा है. अब भाजपा वहां अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है. नशाविरोधी कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों से जुड़कर, भाजपा राज्य के उन निराश लोगों तक पहुंचने की कोशिश करती दिख रही है, जो जमीनी स्तर पर बदलाव चाहते हैं.



