जमीन पर बैठकर भोजन “नीचे बैठकर खाना!! ना बाबा ना, कितना आउटडेटेड और असभ्य सा तरीका है…..” जब कभी कोई आपको नीचे बैठकर खाने के लिए कहता है तो आपके दिमाग में यही शब्द घूमते होंगे कि कहीं किसी ने आपको नीचे बैठकर खाना खाते हुए देख लिया तो ये आपके लिए कितना शर्मिंदगी भरा होगा।लाइस्टाइल बदलने के कारण लोगों का भोजन खाने से लेकर काम करने के तौर तरीके तक सब कुछ बदल गया है। पुराने समय में लोग जमीन पर बैठ कर भोजन खाया करते थे, जिसके कारण वह स्वस्थ रहते थे।
इन लोगों में घुटनों की समस्या बहुत कम देखने को मिलती थी लेकिन अब तो पांच में से हर तीसरे में यह समस्या देखी जा रही है क्योंकि अब लोग डाइनिंग टेबल पर भोजन करना अच्छा समझते हैं।
आज हम आपको बताएंगे कि जमीन पर बैठ कर खाना से किन-किन शारीरिक समस्याओं से बचा जा सकता है? जिसे जानने के बाद आप जरूर नीचे बैठ कर भोजन करना शुरू करेंगे।
1. वजन को रखें कंट्रोल: भोजन करने के लिए जमीन पर बैठना और फिर उठने से एक तरह का अर्ध पद्मासन हो जाता है। ये आसन धीरे-धीरे भोजन खाने और अच्छी तरह भोजन पचाने में मदद करता है। इससे वसा के कारण बढ़ने वाला वजन कंट्रोल में रहता है।
2. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। पाचन क्रिया में सुधार: नीचे बैठकर भोजन खाते वक्त बार-बार प्लेट की तरफ झुकना पड़ता है और फिर पीछे होने से पेट की मांसपेशियां निरंतर कार्य करती है। जिससे पाचन क्रिया में सुधार आता है।
3. दिल होगा मजबूत: सही तरीके से जमीन पर बैठ कर भोजन करने से शरीर में रक्त का संचार ठीक रहता है और साथ ही में नाड़ियों में कम दबाव महसूस होता है। पाचन क्रिया को सही रखने के लिए हृदय का भी खास काम होता है। इसलिए जब खाना आसानी से जल्दी पच जाएगा तो हृदय भी आसानी से अपना काम करेगा।
4. मासपेशियों में खिचाव: भोजन करने के लिए जब आप नीचे बैठते हैं, तब आपके पेट, पीठ के निचले हिस्से और कूल्हे की मांसपेशियों में खिचाव आता है। जिससे दर्द की समस्या से छुटकारा मिलता है। मासपेशियों में लगातार खिचाव बना रहने से स्वस्थ में सुधार आएगा।
5. घुटनों का व्यायाम: जमीन पर बैठकर भोजन करने के लिए घुटनों को मोड़ना पड़ता है। इससे घुटनों की बढ़िया एक्सरसाइज होती है। उनमें लचक बरकरार रहती है। जिसके कारण घुटनों की समस्या से बचा सकता है।




