वर्चुअल बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जी7 के नेताओं से कहा कि ईरान आत्मसमर्पण करने ही वाला है। यह जानकारी जी7 देशों के तीन अधिकारियों ने दी, जिन्हें इस चर्चा की जानकारी दी गई थी। प्रमुख औद्योगिक देशों के नेताओं के साथ हुई इस कॉल के दौरान ट्रंप ने ये टिप्पणियां कीं। इस कॉल में ट्रंप ने हाल ही में हुए सैन्य अभियान “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” के नतीजों के बारे में बात की। बातचीत से परिचित अधिकारियों ने बताया कि ट्रंप ने इस अभियान को एक बड़ी सफलता के रूप में प्रस्तुत किया। कॉल के दौरान ट्रंप ने नेताओं से कहा कि उन्होंने “एक ऐसे कैंसर से छुटकारा पा लिया है जो हम सभी के लिए खतरा था, जिसका जिक्र उन्होंने ईरान से जुड़े हालात के संदर्भ में किया। एक्सियोस के अनुसार, सहयोगी देशों से बात करते हुए उन्होंने इस अभियान के सकारात्मक परिणामों पर भी प्रकाश डाला।
ईरान ने खाड़ी के अरब देशों पर शुक्रवार तड़के कई हमले किए, जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उसे बड़े जवाबी हमले की चेतावनी दी। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘देखते रहिए, आज इन कुटिल लोगों का क्या हश्र होता है। ईरान की नौसेना नाश हो चुकी है, वायुसेना तबाह हो गई है। मिसाइल, ड्रोन और सब कुछ खत्म हो गए हैं और उनके नेताओं का नामोनिशान धरती से मिटा दिया गया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम ईरान के आतंकी शासन को सैन्य, आर्थिक और हरेक तरीके से पूरी तरह नष्ट कर रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि वे 47 वर्ष से दुनिया भर में निर्दोष लोगों को मार रहे हैं और अब मैं, अमेरिका का 47वां राष्ट्रपति होने के नाते, उन्हें मार रहा हूं। ऐसा करना मेरे लिए बहुत बड़े सम्मान की बात है।’’ अमेरिकी राष्ट्रपति की इन टिप्पणियों से एक दिन पहले ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मुज्तबा खामेनेई ने ईरानियों के खून का बदला लेने से पीछे न हटने का संकल्प लिया था। उन्होंने खाड़ी के अरब देशों को अमेरिकी ठिकाने बंद करने की चेतावनी देते हुए कहा था कि अमेरिकी सुरक्षा की धारणा झूठ के सिवा कुछ नहीं है। इस बीच, खाड़ी क्षेत्र के आसपास तेल और अन्य बुनियादी ढांचे पर ईरान के हमले जारी हैं। सऊदी अरब ने शुक्रवार को कहा कि उसने तड़के सुबह अलग-अलग समय भेजे गए लगभग 50 ड्रोन मार गिराए। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। ओमान न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, ओमान के सोहार क्षेत्र के एक औद्योगिक इलाके में दो ड्रोन गिरने से दो लोगों की मौत हो गई।
बहरीन में हमले की चेतावनी देने वाले सायरन की आवाज सुनी गई और दुबई में एक औद्योगिक क्षेत्र से काला धुआं उठता देखा गया। अधिकारियों के अनुसार, किसी मिसाइल या हमले को रोकने की कार्रवाई (इंटरसेप्शन) के बाद गिरे मलबे से आग लग गई थी। दुबई इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर की एक इमारत को भी नुकसान पहुंचा। अधिकारियों के अनुसार, “सफल इंटरसेप्शन” के बाद गिरे मलबे की वजह से इमारत को नुकसान हुआ है। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, देश में अब तक 1,300 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, जबकि इजराइल ने 12 लोगों की मौत की पुष्टि की है। वहीं अमेरिका के कम से कम सात सैनिकों की मौत हो चुकी है, और आठ सैनिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। ईरान की राजधानी तेहरान के आसपास शुक्रवार तड़के तेज हवाई हमले हुए। हमलों के समय फलस्तीनियों के समर्थन में आयोजित होने वाले वार्षिक कुद्स दिवस कार्यक्रम के लिए रैलियां शुरू होने वाली थीं। इजराइल ने कहा कि पिछले 24 घंटे में उसकी वायुसेना ने ईरान में 200 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया है, जिनमें मिसाइल लॉन्चर, रक्षा प्रणालियां और हथियार उत्पादन स्थल शामिल हैं।



