
बदायूं के हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) प्लांट में हुए चर्चित डबल मर्डर मामले में अब नया मोड़ आ गया है. मृतक डिप्टी मैनेजर हर्षित मिश्रा के परिजनों ने इस हत्याकांड को साजिश बताते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं. पोस्टमार्टम हाउस के बाहर हर्षित मिश्रा की मां रीना मिश्रा ने बताया कि उनके बेटे ने एक दिन पहले ही फोन पर कहा था कि उसकी जान को खतरा है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इस बारे में उसने SSP को भी जानकारी दी थी और DM के पास भी गया था. साथ ही स्थानीय विधायक से भी शिकायत की थी, लेकिन कहीं से भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.
मृतक हर्षित मिश्रा की मां रीना मिश्रा ने आरोप लगाया कि जब भी उनका बेटा विधायक के पास जाता था तो कभी उनकी बात सुनी जाती थी तो कभी आरोपी अजय सिंह की तरफ झुकाव दिखाई देता था. उन्होंने कहा कि सब लोग एक-दूसरे के करीबी हैं, सभी ने मिलकर मेरे बेटे को मरवा दिया. वहीं मृतक के पिता ने भी मामले में साजिश की आशंका जताई है. उनका कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम में के CGM राजीव सिंह की भूमिका संदिग्ध है और आरोपी अजय प्रताप सिंह केवल एक मोहरा है.
12 मार्च को हुई थी सनसनीखेज वारदात
12 मार्च, गुरुवार दोपहर करीब एक बजे आरोपी अजय प्रताप सिंह ने HPCL प्लांट परिसर में घुसकर (55) और डिप्टी मैनेजर हर्षित मिश्रा (35) पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दी थीं. दोनों अधिकारियों की मौके पर ही मौत हो गई थी. दिनदहाड़े हुई इस वारदात से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी.
मुठभेड़ में आरोपी गिरफ्तार
घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए शुक्रवार सुबह मुठभेड़ में आरोपी अजय प्रताप सिंह को गिरफ्तार कर लिया. मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने आरोपी के दोनों पैरों में गोली मारकर उसे काबू में किया. पुलिस पूछताछ में सामने आया कि अजय प्रताप सिंह ने सबसे पहले हर्षित मिश्रा को गोली मारी, इसके बाद GM सुधीर गुप्ता को निशाना बनाया. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है.





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