Himachal Se: टहलना इन दिनों सबसे अच्छा व्यायाम माना जाने लगा है। ये सबसे सरल और किसी भी उम्र में, कभी भी आसानी से किया जाने वाला व्यायाम है। फिटनेस फ्रीक आपको पार्क में घूमते, जॉगिंग करके हुए और वॉक करते हुए मिल जाएंगे। ज्यादातर लोग कोशिश करते हैं कि वो दिन के 10 हजार कदम पूरे कर लें। लोग स्मार्ट फोन और स्मार्ट वॉच में अपने स्टेप काउंट करते हैं। लेकिन क्या 10 हजार कदम चलना सभी के लिए ठीक है। क्या कदमों का ये नंबर हर किसी के लिए परफेक्ट है। आइये डॉक्टर से जानते हैं कि क्या 10 हजार कदम चलना सभी के लिए ठीक है। क्या इतनी देर चलने से घुटनों पर असर होता है और क्या 10 हजार कदम चलने से घुटने जल्दी खराब हो सकते हैं?

10,000 स्टेप्स का चलना कितना जरूरी?
ऑर्थोपेडिक्स की मानें तो ज्यादातर लोग मानते हैं कि जितना ज्यादा चलेंगे, उतना फिट रहेंगे। हालांकि मेडिकल साइंस के मुताबिक 10,000 कदम का कोई ठोस वैज्ञानिक आधार नहीं है। डॉक्टर की मानें तो ये सिर्फ एक मार्केटिंग स्ट्रेटजी के तौर पर शुरू किया गया था, जिसमें सभी को दिन में 10 हजार कदम चलने के लिए प्रेरित किया गया। लेकिन जिन लोगों का वजन ज्यादा है या जिनकी उम्र अधिक है उनके लिए अचानक से इतने कदम चलने से एक्स्ट्रा लोड पड़ सकता है, इससे घुटने के कार्टिलेज घिसने लगती है। हड्डियों के बीच की कुशनिंग कम होने लगती है।
10 हजार कदम का जोड़ों पर असर?
जब हम लगातार लंबे समय तक वॉक करते हैं तो शरीर का पूरा वजन घुटनों पर आता है। ऐसे में अगर आप किसी खराब जगह या जूतों के साथ वॉक करते हैं तो ओवरयूज़ इंजरी हो सकती है। अगर किसी को वॉक के दौरान घुटनों में सूजन, दर्द या कटकट की आवाज तेजी से आए तो जान लें कि इतनी ज्यादा वॉक से आपके जोड़ों पर असर हो रहा है। ऐसी स्थिति में खुद से 10 हजार कदम पूरे करने का टारगेट न रखें। बल्कि डॉक्टर की सलाह पर अपने सही कदम चुनें। जबरदस्ती 10 हजार कदम चलने से ऑस्टियोआर्थराइटिस जैसी गंभीर समस्या हो सकती है।
वॉक का सही तरीका क्या है?
स्वस्थ रहने के लिए केवल कदमों की गिनना काफी नहीं होता है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो अगर आप दिनभर में 7,000 से 8,000 कदम भी पूरे कर पाते हैं। इसके साथ हेल्दी लाइफस्टाइल जीते हैं तो आप कहीं ज्यादा स्वस्थ रह पाएंगे। वॉक के साथ स्ट्रेंथ ट्रेनिंग पर भी ध्यान दें। जिससे आपकी मसल्स मजबूत हों और जोड़ों पर ज्यादा लोड न पड़े। वॉक के लिए अच्छे जूते चुनें और कंक्रीट वाली जगह या ट्रेडमिल की जगह घास वाली नरम सतह को चुनें। इससे घुटनों पर असर कम होगा।



