Himachal Se: फैटी लिवर के मरीज पूरी दुनिया में तेजी से बढ़ रहे हैं। खासकर मोटापे, फिजिकली इनएक्टिव रहने वाले और अनहेल्दी खाने वालों में ये समस्या काफी ज्यादा देखी जाती है। कई बार फैटी लिवर के लक्षण नहीं दिखते लेकिन जांच में इसका पता चलता है। क्षेमवाना नेचुरोपैथी और योग केंद्र के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर नरेंद्र के शेट्टी के अनुसार, अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में फैटी लिवर का पता चलने के बाद कई लोग तुरंत दवाइयां खाने लगते हैं। हालांकि शुरुआती स्टेज में लाइफस्टाइल में सुधार काफी असरदार साबित होता है।

फैटी लिवर की समस्या तेजी से क्यों बढ़ रही है?
विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक बैठे रहना, प्रोसेस्ड फूड खाने, मीठे पेय पदार्थ, देर रात खाना और शारीरिक गतिविधि की कमी गैरअल्कोहलिक फैटी लिवर का सबसे बड़ा कारण है। समय के साथ बढ़ा हुआ फैट धीरेधीरे लिवर की कोशिकाओं के अंदर जमा होने लगती है, अक्सर बिना दर्द या कोई साफ लक्षणों के बिना फैटी लिवर पनप रहा होता है। डॉक्टर शेट्टी ने बताया, यह समस्या अब हर जगह है और समझाया कि कैसे नियमित जीवनशैली की आदतें धीरेधीरे सालों में लिवर के स्वास्थ्य को प्रभावित करती हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि जीवनशैली में बदलाव का लगातार पालन करने से शुरुआती चरण के फैटी लिवर को अक्सर प्राकृतिक रूप से ठीक किया जा सकता है।
बिना दवा के फैटी लिवर कैसे ठीक करें
चीनी का सेवन कम करें
ज्यादा चीनी खाने से फैटी लिवर के मामले तेजी से बढ़ते हैं। खासतौर से ठंडे ड्रिंक, पैकेटबंद जूस, बिस्कुट और ज्यादा चीनी वाली चीजें लिवर में फ्रक्टोज की मात्रा बढ़ा देता है, जो बाद में वसा के रूप में जमा हो जाता है। डॉक्टर शेट्टी ने बताया कि फैटी लिवर के मरीजों को रोजाना के खाने में चीनी की मात्रा काफी कम करने मात्र से ही लिवर एंजाइमों में सुधार देखने को मिलता है।
चलनाफिरना और शारीरिक गतिविधि
डॉक्टर ने इस बात पर भी जोर दिया कि ठीक होने के लिए महंगे फिटनेस रूटीन हमेशा जरूरी नहीं होते। उन्होंने कहा, तीस मिनट तेज चलना हफ्ते में छह दिन काफी है। नियमित रूप से चलने से लिवर की चर्बी प्राकृतिक रूप से कम करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने योग, स्क्वैट्स और पुशअप्स जैसी सरल व्यायाम गतिविधियों को भी प्रोत्साहित किया। इससे मांसपेशियां ग्लूकोज के नियमन को बेहतर बनाने और लिवर पर तनाव कम करने में मदद करती हैं।
नींद और तनाव पर काम करें
हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो अपर्याप्त नींद और लगातार तनाव से कोर्टिसोल और इंसुलिन से संबंधित हार्मोनल असंतुलन बिगड़ सकता है, जिससे इनडायरेक्ट रूप से वसा जमाव और लिवर में सूजन हो सकती है। डॉक्टर शेट्टी ने सलाह दी, कम से कम छह से सात घंटे की नींद आवश्यक है, साथ ही उन्होंने देर रात स्क्रीन के उपयोग को सीमित करने की भी सिफारिश की।
वजन कम करना और शराब पर नियंत्रण
धीरेधीरे वजन कम करने से फैटी लिवर की स्थिति में काफी सुधार हो सकता है। यहां तक कि शरीर के वजन का लगभग 710% कम करने से भी समय के साथ लिवर में वसा और सूजन कम हो सकती है। हालांकि, क्रैश डाइट से लिवर को ठीक होने में मदद मिलने के बजाय उस पर और अधिक दबाव पड़ सकता है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। शराब का सेवन, यहां तक कि कभीकभार सप्ताह में भी पीने से लिवर के ठीक होने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है।
खाने में इन चीजों से दूर रहें
फैटी लिवर को ठीक करने के लिए खाने में प्रोसेस्ड फूड को आउट कर दें। इसकी बजाय सब्जी, फल, अंडा, मछली और साबुत अनाज वाले फूड को डाइट में शामिल करें। तले हुए और पैकेटबंद खाने से दूर रहें। इससे लिवर एकदम से ठीक नहीं हो सकता, लेकिन काफी सुधार आ सकते हैं।



