Thursday, February 12, 2026
HealthIndiaTrending

सेहत नहीं ‘बीमारी’ परोस रही है आपकी थाली! अपनी हेल्थ के लिए हो जाइए अलर्ट!..

सेहत नहीं ‘बीमारी’ परोस रही है आपकी थाली! अपनी हेल्थ के लिए हो जाइए अलर्ट!..
सेहत नहीं ‘बीमारी’ परोस रही है आपकी थाली! अपनी हेल्थ के लिए हो जाइए अलर्ट!..

आप अच्छी सेहत के लिए रोजाना दूध, अंडे, मांस-मच्छी समेत कई गुणकारी चीजें खाते होंगे. स्वाद के लिए उनमें मसालों का तड़का भी लगाते होंगे. लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस थाली को आप अपने लिए हेल्दी मानते हैं, वह हमारे लिए कब की जहर बन चुकी है. हम रोजाना अनजाने में कई ऐसी चीजें खा रहे हैं, जो हमारे शरीर को धीरे-धीरे खोखला करती जा रही हैं. इसकी वजह से देश में कैंसर और हार्ट से जुड़ी बीमारियां भी तेजी से फैल रही हैं. अपनी सेहत से जुड़ी इन चीजों के बारे में पाठकों को अलर्ट करने के लिए Zee मीडिया ने खास सीरीज ‘जरा सोचिए’ की शुरुआत की है. इसमें हम विशेषज्ञों की राय, चर्चाओं, सवालों और चिंताओं को सामने रखेंगे जिससे हम और हमारा जीवन बेहतर हो सके.

सुबह का एक गिलास दूध या आपकी पसंदीदा मछली की करी आपको अस्पताल के बिस्तर तक पहुंचा सकती है. जी हां बस ये कहने की बात नहीं है. दूध, पनीर, मसाले और मांस में मिल रहे रासायनिक अवशेष और मिलावट, आम लोगों के लिए अब एक साइलेंट पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी बन चुके हैं.

तेजी से बढ़ रही कैंसर और हार्ट की बीमारियां
हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. नवल कुमार वर्मा ने चेतावनी दी है कि हम अनजाने में जो एंटीबायोटिक्स और प्रोसेस्ड फूड खा रहे हैं, ये शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ाकर कैंसर और हार्ट की बीमारियों को बढ़ाने का काम कर रही हैं. आज हम जानेंगे कि आखिर क्यों हमारा भोजन ही हमारा सबसे बड़ा दुश्मन बनता जा रहा है और कैसे हम इस जाल से बच सकते हैं.

एक्सपर्ट ने बताई क्या है समस्या?
ग्लोबल वेलनेस और फूड सेफ्टी एक्सपर्ट डॉ. नवल कुमार वर्मा के मुताबिक, आज के जमाने के फूड्स पोषक तत्वों से ज्यादा इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ाने का काम कर रही हैं. उनका कहना है कि आधुनिक आहार चाहे शाकाहारी हो या मांसाहारी अकसर सूजन, वह रसायन और मेटाबॉलिक असंतुलन लेकर आता है. अंडे और मांस में एंटीबायोटिक अवशेष, हार्मोन और बैक्टीरियल संक्रमण, मछली में फॉर्मालिन और भारी धातुएं और पैकेज्ड फूड में ट्रांस फैट, नमक और प्रिजर्वेटिव पाए जा रहे हैं.

प्रोसेस्ड फूड बढ़ा रहा मेटाबॉलिक सिंड्रोम
असुरक्षित और अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड सीधे स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने का काम करता है. डब्ल्यूएचओ और आईसीएमआर के मुताबिक, एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस और असुरक्षित भोजन वैश्विक स्वास्थ्य के लिए बड़ी चुनौती हैं. डॉ. वर्मा का कहना है कि अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ाता है. यह मोटापा और मेटाबॉलिक सिंड्रोम को तेज करता है. साथ ही कैंसर जैसी बीमारियों को बढ़ाने का काम भी करता है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। ये समस्या खासकर बच्चों और युवाओं में तेजी से बढ़ रही है.

पैकेज्ड और प्रोसेस्ड फूड है बड़ा कारण
भारत में हाल के वर्षों में कम उम्र में डायबिटीज, फैटी लिवर और हार्मोन-संबंधी कैंसर के मामले बढ़े हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि इसका मुख्य कारण बदलते खाने की पसंद और हानिकारक भोजन का बढ़ता उपयोग है. लोग अधिक पैकेज्ड और प्रोसेस्ड फूड की ओर आकर्षित हो रहे हैं जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं.

समाधान के लिए डॉ. नवल कुमार वर्मा ने सुझाव दिए हैं कि एंटीबायोटिक-फ्री और हार्मोन-फ्री पशु उत्पाद अपनाए जाएं. फार्म-टू-फोर्क ट्रैकिंग लागू की जाए. पैकेट पर साफ हानिकारक केमिकल की चेतावनी हो और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड पर कड़े नियम बनाएं जाने चाहिए.

फिट रहने के लिए जरूर करें ये काम
उनका कहना है कि अगर लोगों को फिट रहना है तो उन्हें ताजा और कम प्रोसेस्ड भोजन लेना चाहिए. पैकेज्ड मीट कम खाना चाहिए. साथ ही भरोसेमंद जगह से खरीदारी करनी चाहिए और पैकेजिंग लेबल ध्यान से पढ़ना चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार और खाद्य सुरक्षा एजेंसियों को मिलकर जनता की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने होंगे.

me.sumitji@gmail.com

Leave a Reply