
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री परोसने वाले पांच प्रमुख OTT प्लेटफॉर्म्स पर बड़ी डिजिटल स्ट्राइक की है. मंत्रालय ने मूडएक्सवीआईपी, कोयल प्लेप्रो, डिगी मूवीप्लेक्स, फील और जुगनू को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है.
सरकार की यह कार्रवाई आईटी नियम 2021 के तहत की गई है जिसका उद्देश्य इंटरनेट पर अश्लीलता पर अंकुश लगाना और भारतीय संस्कृति की मर्यादा को बनाए रखना है. मंत्रालय को इन एप्स और वेबसाइट्स के खिलाफ लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि ये प्लेटफॉर्म नियमों का उल्लंघन कर बोल्ड और अश्लील सामग्री का प्रचार कर रहे थे. डिजिटल सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, मंत्रालय ने साफ किया है कि किसी भी डिजिटल माध्यम पर महिलाओं के चित्रण या अश्लीलता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
ओटीटी की दुनिया में ‘क्लीन-अप’ ड्राइव और सरकारी कड़ाई
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की यह कार्रवाई केवल एक प्रतिबंध नहीं बल्कि डिजिटल मनोरंजन की दुनिया के लिए एक वेक-अप कॉल है.
1. आईटी नियम 2021 की शक्ति: सरकार ने आईटी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 का उपयोग कर यह स्पष्ट कर दिया है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म अनियंत्रित नहीं हैं. यह कार्रवाई दिखाती है कि सरकार अब केवल शिकायतों का इंतजार नहीं कर रही बल्कि सक्रिय निगरानी भी कर रही है.
2. रचनात्मकता बनाम अश्लीलता: मनोरंजन उद्योग में अक्सर क्रिएटिव फ्रीडम के नाम पर अश्लीलता परोसी जाती है. मंत्रालय का यह कदम एक स्पष्ट रेखा खींचता है कि अभिव्यक्ति की आजादी का अर्थ मर्यादाओं का उल्लंघन नहीं हो सकता.
3. महिलाओं की गरिमा का संरक्षण: ब्लॉक किए गए ऐप्स पर महिलाओं को वस्तु के रूप में पेश करने का गंभीर आरोप था. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। सरकार ने इस स्ट्राइक के जरिए डिजिटल सुरक्षा और सांस्कृतिक मर्यादा को प्राथमिकता दी है.
4. बाजार पर प्रभाव: इस स्ट्राइक से उन छोटे और अनरजिस्टर्ड ओटीटी ऐप्स में खलबली मचेगी जो बोल्ड कंटेंट के सहारे सब्सक्रिप्शन बेच रहे थे. अब मुख्यधारा के प्लेटफॉर्म्स को भी अपने सेल्फ-रेगुलेशन को और कड़ा करना होगा.




