
तेहरान। इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग का आज चौथा दिन है। इस बीच इजराइल ने ईरान के 500 साल पुराने गोलिस्तान पैलेस पर हमला किया है। हमले में इसका कुछ हिस्सा डैमेज हो गया, लेकिन वहां रखी गई कीमती और ऐतिहासिक चीजों को पहले ही सुरक्षित जगह पर रख दिया गया था, इसलिए वे बच गईं।
यह जानकारी ईरानी न्यूज एजेंसी मेहर ने दी है। गोलिस्तान पैलेस को 16वीं सदी में सफवीद दौर बनाया गया था। यह महल लंबे समय तक ईरान के राजाओं का घर और सत्ता का मुख्य केंद्र रहा। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। आज यह एक बड़ा पर्यटन स्थल है और साल 2013 में इसे यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में भी शामिल किया गया था।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अमेरिकियों से मिडिल ईस्ट से जल्द से जल्द निकलने को कहा है। ट्रम्प ने कहा है कि ईरान पर अभी सबसे बड़ा हमला बाकी हैं। उन्होंने सोमवार को व्हाइट हाउस में दिए बयान में कहा कि ईरान से जंग 4-5 हफ्ते चल सकती है, लेकिन जरूरत पड़ने पर इससे ज्यादा समय तक भी अभियान जारी रहेगा।
ईरान में 742 की मौत, 750 घायल
अल-जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और इजराइल ने मिलकर अब तक ईरान के 1000 से ज्यादा ठिकानों पर हमले किए हैं। इस दौरान शुरुआती 30 घंटे में 2000 से ज्यादा बम गिराए गए हैं।
इनमें अब तक 742 लोगों की मौत हो चुकी है, इनमें 176 बच्चे हैं। 750 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। 28 फरवरी को शुरू हुई इस लड़ाई के पहले दिन हुई बमबारी में ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए थे। इसके अलावा रविवार को 3 अमेरिकी सैनिक मारे गए थे।
लेबनान में जबरदस्ती गांव खाली करवा रही इजराइली सेना
इजराइल ने हिज्बुल्लाह के खिलाफ हमले जारी रखते हुए, सोमवार को लेबनान में जबरदस्ती गांव खाली कराए हैं। सैन्य प्रवक्ता ने आदेश जारी करते हुए कहा कि “हिज्बुल्लाह की गतिविधियों के कारण इजराइल रक्षा बलों को बलपूर्वक कार्रवाई करनी पड़ रही है, और हमारा नागरिकों को नुकसान पहुंचाने का कोई इरादा नहीं है
आदेश में निवासियों को अपने गांवों से 1,000 मीटर दूर रहने का आदेश दिया, और चेतावनी दी कि हिज्बुल्लाह सुविधाओं के पास आकर व्यक्ति अपने जीवन को खतरे में डाल रहा है।
यह घटना सोमवार सुबह 52 बस्तियों के लिए इसी तरह का निकासी आदेश जारी करने के बाद हुई है।
ईरान ने अमेरिकी बेस पर 20 ड्रोन और 3 मिसाइल दागी
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि उसने बहरीन में एक अमेरिकी एयर बेस पर हमला किया है। IRGC के मुताबिक, शेख ईसा इलाके में स्थित अमेरिकी एयर बेस पर 20 ड्रोन और 3 मिसाइल दागी गईं।
संगठन का दावा है कि हमले में मुख्य इमारत को नुकसान पहुंचा और फ्यूल टैंकों में आग लग गई। हालांकि, बहरीन की तरफ से अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।





