Tuesday, February 24, 2026
Crime

Delhi Metro Suicide Case: दिल्ली में उत्तम नगर मेट्रो स्टेशन पर चलती ट्रेन के आगे कूदा शख्स, चार दिन में सुसाइड की दूसरी घटना!

Delhi Metro Suicide Case: दिल्ली में उत्तम नगर मेट्रो स्टेशन पर चलती ट्रेन के आगे कूदा शख्स, चार दिन में सुसाइड की दूसरी घटना!
Delhi Metro Suicide Case: दिल्ली में उत्तम नगर मेट्रो स्टेशन पर चलती ट्रेन के आगे कूदा शख्स, चार दिन में सुसाइड की दूसरी घटना

दिल्ली के उत्तम नगर ईस्ट मेट्रो स्टेशन पर मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ. यहां राजस्थान के रहने वाले 45 वर्षीय एक व्यक्ति ने चलती मेट्रो के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली. इस घटना के बाद स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई और कुछ समय के लिए मेट्रो सेवाओं पर भी असर पड़ा. मृतक की पहचान महाराज सिंह (45) के रूप में हुई है. वो राजस्थान के करौली जिले का रहने वाला था.

जानकारी के अनुसार, महाराज सिंह पेशे से पुताई (पेंटर) का काम करता था. वो दिल्ली के उत्तम नगर में रहने वाले अपने बड़े भाई की बेटी यानी अपनी भतीजी की शादी में शामिल होने के लिए यहां आया हुआ था. जिस घर में शादी की शहनाइयां बजनी थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है.

सालों से डिप्रेशन से जूझ रहा था मृतक

मेट्रो डीसीपी कुशल पाल सिंह ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि यह घटना सुबह करीब 10:12 बजे की है. शुरुआती जांच में सामने आया है कि महाराज सिंह पिछले कई सालों से गंभीर डिप्रेशन (अवसाद) से जूझ रहा था. उसका इलाज दिल्ली के राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में चल रहा था. हैरानी की बात यह है कि आत्महत्या से ठीक एक दिन पहले यानी सोमवार को भी उसने अस्पताल जाकर डॉक्टरों से परामर्श लिया था.

पीछे छोड़ गया भरा-पूरा परिवार

महाराज सिंह के परिवार में उनकी पत्नी के अलावा तीन बच्चे हैं, एक 18 साल की बेटी और 17 व 20 साल के दो बेटे. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर दीन दयाल उपाध्याय (DDU) अस्पताल भेज दिया है. पुलिस ने इस मामले में बीएनएसएस (BNSS) की धारा 194 के तहत कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है.

चार दिन में दूसरा सुसाइड

उत्तम नगर ईस्ट मेट्रो स्टेशन पर सुसाइड की यह कोई पहली घटना नहीं है. महज चार दिन पहले, यानी 20 फरवरी (शुक्रवार) को भी इसी स्टेशन पर 17 साल के एक छात्र अश्विनी डागर ने मेट्रो के आगे कूदकर अपनी जान दे दी थी. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। अश्विनी नजफगढ़ का रहने वाला था और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था. एक ही स्टेशन पर बार-बार हो रही ऐसी घटनाओं ने मेट्रो स्टेशनों पर पैसेंजर सेफ्टी और स्क्रीन डोर्स (PSDs) की जरूरत पर दोबारा सवाल खड़े कर दिए हैं.

me.sumitji@gmail.com

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