Friday, March 13, 2026
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“बेटी की शादी सिर पर… मगर गैस सिलेंडर नहीं!” अमेठी में घंटों लाइन में खड़े रहे पिता रविंद्र तिवारी, एजेंसी से खाली हाथ लौटे तो छलक पड़ा दर्द!

“बेटी की शादी सिर पर… मगर गैस सिलेंडर नहीं!” अमेठी में घंटों लाइन में खड़े रहे पिता रविंद्र तिवारी, एजेंसी से खाली हाथ लौटे तो छलक पड़ा दर्द!
“बेटी की शादी सिर पर… मगर गैस सिलेंडर नहीं!” अमेठी में घंटों लाइन में खड़े रहे पिता रविंद्र तिवारी, एजेंसी से खाली हाथ लौटे तो छलक पड़ा दर्द!

उत्तर प्रदेश में एलपीजी गैस सिलेंडरों की कमी की खबरों के बीच अमेठी से एक भावुक कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक पिता अपनी बेटी की शादी से ठीक एक दिन पहले गैस सिलेंडर के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हो गया। कई घंटों तक गैस एजेंसी के बाहर लाइन में खड़े रहने के बावजूद उसे सिलेंडर नहीं मिल सका, जिससे शादी की तैयारियों पर संकट खड़ा हो गया है।

जानकारी के अनुसार अमेठी जिले के डेढ़ पसार गांव के निवासी रविंद्र नाथ तिवारी की बेटी की शादी अगले ही दिन होनी है। घर में शादी की तैयारियां जोरों पर चल रही थीं और मिठाई बनाने के लिए हलवाई भी पहुंच चुके थे। लेकिन गैस सिलेंडर न मिलने के कारण हलवाई काम शुरू नहीं कर पा रहे थे, जिससे पूरे परिवार की चिंता बढ़ गई।

रविंद्र तिवारी कई घंटे तक गैस एजेंसी के बाहर लाइन में लगे रहे, लेकिन उन्हें सिलेंडर नहीं मिला। मजबूरी में अब वह अधिकारियों से फोन पर संपर्क कर अपनी परेशानी बता रहे हैं और जल्द से जल्द सिलेंडर उपलब्ध कराने की गुहार लगा रहे हैं। उनका कहना है कि अगर समय पर गैस सिलेंडर नहीं मिला तो शादी के खाने-पीने की व्यवस्था करना मुश्किल हो जाएगा।

आखिरकार काम रुकता देख हलवाई ने लकड़ी के चूल्हे पर मिठाई बनाना शुरू किया, लेकिन यह व्यवस्था भी अस्थायी ही है। बेटी की शादी जैसे बड़े मौके पर पिता की चिंता साफ झलक रही है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। उनका कहना है कि यह सिर्फ शादी नहीं बल्कि उनकी इज्जत का सवाल भी है, इसलिए वह जरूरत पड़ी तो पूरी रात एजेंसी के बाहर लाइन में खड़े रहने को भी तैयार हैं।

इधर हैरानी की बात यह है कि जहां एक तरफ लोग गैस सिलेंडर के लिए परेशान नजर आ रहे हैं, वहीं जिला पूर्ति अधिकारी शशिकांत का कहना है कि जिले में एलपीजी सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है। उनके मुताबिक फिलहाल 2 से 3 दिनों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और आपूर्ति सामान्य बनी हुई है।

me.sumitji@gmail.com

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