Madhubani ASI Firing: बिहार के मधुबनी जिले के बाबूबरही थाना क्षेत्र स्थित बलिराजगढ़ गांव में देर रात एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है. पुलिस पिकेट पर ड्यूटी के दौरान तैनात सहायक उपनिरीक्षक चंद्रमोहन सिंह पर अवैध संबंध के शक में घर में घुसने और विरोध करने पर अंधाधुंध फायरिंग करने का गंभीर आरोप लगा है. इस दर्दनाक घटना में 50 वर्षीय अशोक यादव की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि तीन अन्य ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए हैं.

मृतका की बेटी की शादी आगामी 14 दिसंबर को तय थी, जिससे पूरे परिवार और इलाके में कोहराम मच गया है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। घटना के संदर्भ में सामने आया है कि बलिराजगढ़ निवासी विजय यादव की पत्नी इन दिनों मायके गई हुई हैं. उनके घर में उनकी पुत्री के साथसाथ पड़ोसी अशोक यादव की पुत्री भी सोई हुई थी. आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात ASI चंद्रमोहन सिंह गलत नीयत से उस घर में दाखिल हो गया.
खुद को घिरता देख ASI ने की ताबड़तोड़ फायरिंग
इसकी भनक लगते ही पड़ोसन फूलो देवी ने सूझबूझ दिखाते हुए बाहर से दरवाजे की सिटकनी बंद कर दी और तुरंत शोर मचाना शुरू कर दिया, जिसके बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए. ग्रामीणों की भीड़ से खुद को चारों तरफ से घिरा देख आरोपी एएसआई ने घबराहट और गुस्से में अपनी सर्विस पिस्टल निकाली और 5 से 6 राउंड ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी.
इस अचानक हुई गोलीबारी में चार ग्रामीण अशोक यादव, धनिक लाल यादव, फूलो देवी और विजेंद्र यादव गंभीर रूप से गोलियों की चपेट में आकर घायल हो गए. आननफानन में सभी घायलों को बाबूबरही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने अशोक यादव को मृत घोषित कर दिया, जबकि अन्य तीन घायलों को बेहतर इलाज के लिए अन्य अस्पताल रेफर कर दिया गया.
अवैध संबंधों की चर्चा और पुलिस पिकेट की पृष्ठभूमि
बाबूबरही थाना क्षेत्र के बलिराजगढ़ में सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस पिकेट बनाई गई है, जहां यह एएसआई प्रतिनियुक्त था. एसपी योगेन्द्र कुमार के अनुसार, एएसआई सामान लेने के बहाने उस घर में आताजाता था, इसी दौरान उसका वहां एक महिला के साथ अवैध संबंध बन गया था और वह अक्सर वहां आनेजाने लगा था. ग्रामीण पिछले कुछ समय से उसकी इन हरकतों पर कड़ी नजर रख रहे थे.
मई 2026 में बलिराजगढ़ खुदाई स्थल पर उपद्रव और पुरातात्विक अवशेष चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा वहां एक एएसआई, तीन सेफ होमगार्ड के जवान और दो चौकीदार तैनात किए गए थे, जो ड्यूटी के बाद आवासीय बालिका विद्यालय में रहते थे. जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ASI चंद्रमोहन सिंह का आपराधिक और विवादित इतिहास रहा है.
शराब तस्कर के नाम पर बाइक सवार पर चलाई थीं गोलियां
चंद्रमोहन सिंह पहले मधवापुर थाना में भी तैनात रह चुका है, जहां उसके खिलाफ कुछ अन्य मामले सामने आए थे. इसके अलावा, कुछ महीने पहले बेनीपट्टी इलाके में एक शराब तस्कर के नाम पर बाइक रोकने के क्रम में एक बाइक सवार की मौत हो गई थी, जिसमें उसने 45 राउंड गोलियां चलाई थीं. उस मामले में भी आरोपी एएसआई चंद्रमोहन सिंह और डायल 112 के चालक को निलंबित किया जा चुका है.
आरोपी एएसआई निलंबित, गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन
इस सनसनीखेज घटना के बाद से ही मधुबनी एसपी रातभर बाबूबरही थाने पर कैंप कर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. वरीय पुलिस अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर घायलों और शोकाकुल परिजनों से मुलाकात की तथा घटनास्थल का भी बारीकी से मुआयना किया. घटना के बाद से आरोपी एएसआई फरार चल रहा है, जिसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है और उसकी गिरफ्तारी के लिए दो विशेष टीमों का गठन कर छापेमारी शुरू कर दी है.



