
अमेरिका और ईरान के बीच मचे घमासान के बीच एक बार फिर राष्ट्रपति ट्रंप का बयान आ गया. 21 अप्रैल के दिन दोनों देशों के बीच हुए अस्थाई सीजफायर खत्म होने की आखिरी तारीख थी. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। उसी दिन यानी मंगलवार को ट्रंप ने ऐलान किया वह सीजफायर बढ़ा रहे हैं. मगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नाकाबंदी अभी भी रहेगी. साथ ही ट्रंप ने कहा कि ईरान होर्मुज खोलना चाह रहा है क्योंकि उसे इससे डेली 500 मिलियन डॉलर का मुनाफा होता है. यानी होर्मुज बंद होने से ईरान प्रतिदिन 500 मिलियन का नुकसान झेल रहा है.
US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ सीजफायर को बढ़ा दिया है, जबकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास ब्लॉकेड जारी रखी है. उन्होंने कहा कि तेहरान को भारी इकोनॉमिक लॉस हो रहा है और बातचीत आगे बढ़ने से पहले उसे एक वन-टाइम प्रपोजल देना होगा. Truth Social पर एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि इस अहम शिपिंग रूट के बंद होने से ईरान को तेल से होने वाली कमाई में बड़ा नुकसान हो रहा है. उन्होंने लिखा कि ईरान नहीं चाहता कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य बंद हो, क्योंकि वह रोजाना लगभग $500 मिलियन डॉलर कमाता है और अगर यह बंद रहता है तो उतना ही नुकसान होता है.
होर्मुज पर ट्रंप का दावा
उन्होंने कहा कि ईरान सिर्फ इसलिए कह रहा है कि वह इसे बंद रखना चाहता है, क्योंकि अमेरिका ने इसे पूरी तरह ब्लॉक कर रखा है और वे अपनी इमेज सेव चाहते हैं. ट्रंप ने दावा किया कि कुछ दिन पहले लोग उनके पास आए और कहा कि ईरान तुरंत इस रास्ते को खुलवाना चाहता है. लेकिन उन्होंने साफ किया कि अगर ऐसा किया गया, तो ईरान के साथ कोई डील नहीं हो पाएगी.
इससे पहले ट्रंप ने सीजफायर बढ़ाने का फैसला पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के रिक्वेस्ट पर लिया था. उन्होंने कहा कि जब तक ईरान की लीडरशिप कोई जॉइंट प्रपोजल नहीं देती, तब तक ब्लॉकेड जारी रहेगा और US फोर्सेज पूरी तरह रेडी रहेंगी.