कभी जिनके घर लंगर खाते थे, आज उन्हें जेल में अकेला छोड़ दिया! राजपाल यादव की मदद पर नवाज़ुद्दीन और पुराने दोस्तों की ख़ामोशी पर उठे सवाल
जब थाली भरी होती है तो यार बहुत मिलते हैं, पर जब हाथ खाली हों तो साया भी साथ छोड़ देता है! तिहाड़ जेल जाने से पहले राजपाल यादव की आँखों में छिपी वो लाचारी और उनका ये कहना कि...









