Wednesday, February 11, 2026
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शादी मेंˈ मेहमान बनकर आया था, कुछ देर बाद दूल्हा बनकर बीवी के साथ घर लौटाˌ

शादी मेंˈ मेहमान बनकर आया था, कुछ देर बाद दूल्हा बनकर बीवी के साथ घर लौटाˌ

कहते हैं जोड़ियां ऊपर वाला बनाता है। वही यह तय करता है कि आपकी शादी कब, कहां और किस से होगी। अब चिकमगलूर जिले के तारिकेरे तालुक के गांव का मामला ही ले लीजिए। यहां एक शख्स शादी में मेहमान बनकर आया था, लेकिन जब शादी से गया तो अपने साथ दुल्हन को पत्नी बनाकर ले गया। दरअसल शादी वाले दिन दूल्हा भाग गया था ऐसे में इस मेहमान ने ही दुल्हन संग सात फेरे ले लिए। चलिए इस फिल्मी शादी के बारे में थोड़ा और विस्तार से जानते हैं।

दरअसल दो भाई अशोक और नवीन रविवार के दिन एक ही जगह शादी करने वाले थे। इसमें नवीन की शादी सिंधु नाम की दुल्हन से होने वाली थी। शनिवार के दिन तो दोनों ने एक साथ तस्वीरें भी खींचवाई। शादी में आए सभी रिश्तेदारों ने दोनों को आशीर्वाद भी दिया। लेकिन जब शादी वाला दिन आया तो दूल्हा नवीन लापता हो गया। जांच पड़ताल करने पर पता चला कि वह अपनी गर्लफ्रेंड के कहने पर शादी से भाग गया है।

दरअसल नवीन की गर्लफ्रेंड ने उसे धमकी दी थी कि यदि वह शादी करता है तो उसकी प्रेमिका शादी में आकार जहर खाकर जान दे देगी। इस बात से डरकर नवीन शादी के पहले ही भाग गया। उसने गर्लफ्रेंड को तुमकुरु में मिलने के लिए कहा। हालांकि इसके बाद से उसका कोई अता पता नहीं है। उधर जब शादी का दिन आया तो दूल्हा न मिलने पर सिंधु और उनके परिवार वाले टेंशन में आ गए।

शादी मेंˈ मेहमान बनकर आया था, कुछ देर बाद दूल्हा बनकर बीवी के साथ घर लौटाˌ

नवीन के भाई अशोक ने तो उस मंडप में सात फेरे ले लिए, लेकिन सिंधु बिन ब्याही दुल्हन की तरह रोती रही। ऐसे में उसके परिजनों ने फैसला किया कि वे सभी शादी में आए मेहमानों के बीच ही उसके लिए दूल्हा खोजेंगे। ऐसे में शादी में मेहमान बनकर आए चंद्रप्पा इस काम के लिए राजी हो गए। वे पेसे से बीएमटीसी कंडक्टर हैं। उन्होंने दुल्हन से शादी करने की इच्छा प्रकट की। बस फिर क्या था दोनों परिवार की सहमति के बाद बात बन गई।

चंद्रप्पा और सिंधु ने सात फेरे लिए और हमेशा के लिए एक दूजे के हो गए। अब सोशल मीडिया पर जब ये घटना वायरल हुई तो हर कोई चंद्रप्पा की तारीफ करने लगा। हर कोई इतनी जल्दी किसी से शादी का निर्णय नहीं ले पाता है, लेकिन चंद्रप्पा ने ऐसा कर दुल्हन और उसके परिवार के दुख को खुशियों में बदल दिया। अब चंद्रप्पा और सिंधु दोनों ही बड़े खुश हैं।

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