
The Blue Tokai Success Story: बिजनेस में कौन सा आइडिया हिट हो जाए इसे समझना आसान नहीं होता है. कभी लोग करोड़ों रुपये लगाकर बिजनेस खड़ा करते हैं, लेकिन वो टिक नहीं पाता, कभी घर के बेडरूम से शुरू किया गया बिजनेस ग्लोबल ब्रांड बन जाता है. ब्लू टोकाई कॉफी रोस्टर्स की कहानी कुछ ऐसी ही है.
500 ग्राम कॉफी और दो कुर्सी-टेबल से बना करोड़ों का ब्रांड
साल 2013 में नम्रता ने अपने मायके के खाली बड़े एक बेडरूम से द ब्लू टोकाई की शुरुआत की. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। सिर्फ 500 ग्राम कॉफी बीन्स और घर में ही दो टेबल, चेयर लगाकर कॉफी शॉप खोली. उनका मकसद सीधे किसानों से हाई-क्वालिटी अरेबिका बीन्स लेना और उन्हें घरेलू कंज्यूमर्स के लिए रोस्ट करना था. शुरुआत में चुनौतियां भी आई, लेकिन धंधा जम गया.
बेडरूम से 150 रेस्टोरेंट चेन तक पहुंची कहानी
नम्रता और चितरंजन ने ऐसे दौर में प्रीमियम कॉफी चेन की शुरुआत की, जब भारत में विदेशी ब्रांड का बोलबाला था. प्रीमियम कॉफी एक्सपोर्ट के जरिए आता था. नम्रता और चितरंजन ने देसी ब्रांड, भारत की कॉफी को प्रमोट किया और अपनी सेविंग से छोटा ताइवानी टेबलटॉप रोस्टर खरीदा. घर के एक्स्ट्रा बेडरूम में उसे सेट अप किया. सिलसिला बढ़ता चला गया. कॉफी के स्वाद ने लोगों को उनके घर में बने कॉफी शॉप की ओर खींचना शुरू कर दिया.आज द ब्लू टोकाई के देशभऱ में 150 से ज्यादा रेस्टोरेंट और कॉफी आउटलेट्स हैं.
500 ग्राम कॉफी से खड़ी कर दी करोड़ों की कंपनी
मैट चितरंजन और नम्रता अस्थाना की कहानी ने शिवम शाही को भी उनके साथ जोड़ दिया. पति-पत्नी के साथ इस तिगड़ी ने ब्लू टोकाई कॉफी रोस्टर्स को ग्लोबल ब्रांड बना दिया. भारत के साथ-साथ इनका ब्रांड जापान, दुबई तक पहुंच गया. कंपनी की कमाई की बात करें तो आज जह एक मल्टी-चैनल एंटरप्राइज में बदल गया है. वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी ने साल-दर-साल 50% की ग्रोथ हासिल की. कंपनी का रेवेन्यू आज 332.7 करोड़ रुपये पर पहुंच चुका है.
द ब्लू टोकाई क्यों मशहूर हुआ
ब्लू टोकाई कॉफी रोस्टर्स प्रीमियम इंडियन अरेबिका बीन्स की सोर्सिंग, रोस्टिंग और रिटेलिंग की वजह से आज पॉपुलर ब्रांड बन चुका है. कॉफी के अलावा कंपनी अब स्नैक्स, सॉफ्ट ड्रिंक्स भी सर्व करती है.




