
US-Israel and Iran War Live Updates: अमेरिका और ईरान ने रविवार को एक-दूसरे के अहम इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने की धमकी दी. मध्य-पूर्व में चल रहा यह युद्ध अब अपने चौथे हफ्ते में है और पूरे इलाके में लोगों की जान और रोजी-रोटी को खतरे में डाल रहा है. ईरान ने कहा कि अगर अमेरिका, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अपने पावर प्लांट पर हमला करने की धमकी पर अमल करता है तो तेल और दूसरे एक्सपोर्ट के लिए बेहद जरूरी ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को तुरंत पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा.
इसी को लेकर US ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरानी शासन को कमजोर कर रहे हैं और मध्य पूर्व में शांति ला रहे हैं. बेसेंट ने कहा कि ट्रंप के कदमों का मकसद दुनिया को एक सुरक्षित जगह बनाना है. उन्होंने यह भी कहा कि कभी-कभी तनाव कम करने के लिए तनाव बढ़ाना पड़ता है, ट्रंप के वित्त प्रमुख का कहना है कि ईरान के बिजली संयंत्रों को नष्ट करना ही ‘एकमात्र भाषा’ है जिसे वे समझते हैं. इससे पहले रविवार को ट्रंप ने शनिवार देर रात स्ट्रेट को खोलने के लिए 48 घंटे की डेडलाइन तय की थी.
इजरायली नेताओं ने शनिवार देर रात ईरानी मिसाइलों से निशाना बनाए गए एक सीक्रेट न्यूक्लियर रिसर्च साइट के पास के दो दक्षिणी इलाकों में से एक का दौरा किया; इस हमले में कई लोग घायल हुए थे. प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि यह एक चमत्कार था कि कोई मारा नहीं गया. नेतन्याहू ने दावा किया कि इजरायल और अमेरिका अपनी जंग के लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इन लक्ष्यों में ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम, मिसाइल प्रोग्राम और हथियारबंद गुटों को दिए जाने वाले समर्थन को कमजोर करने से लेकर ईरानी लोगों को वहां की धार्मिक सत्ता को उखाड़ फेंकने में मदद करना शामिल है.
अभी तक न तो किसी तरह के विद्रोह के कोई संकेत मिले हैं और न ही उस लड़ाई के खत्म होने के, जिसने दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिलाकर रख दिया है, तेल की कीमतों में भारी उछाल ला दिया है और दुनिया के कुछ सबसे व्यस्त हवाई रास्तों को खतरे में डाल दिया है. अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को यह युद्ध शुरू किया था, जिसमें अब तक 2000 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं.






