अक्सर नौकरी करने वाले लोगों को लगता है कि अगर हर महीने उनके बैंक खाते में मोटी सैलरी आ रही है, तो उनका क्रेडिट स्कोर अपने आप शानदार होगा. लेकिन सच यह है कि आपकी सैलरी स्लिप या बैंक बैलेंस का क्रेडिट स्कोर से कोई सीधा नाता नहीं होता. अगर कोई व्यक्ति महीने का 2 लाख रुपये भी कमाता है, लेकिन क्रेडिट कार्ड का बिल समय पर नहीं भरता, तो उसका सिबिल स्कोर गिरना तय है.

खासकर पहली बार लोन या क्रेडिट कार्ड लेने की सोच रहे युवाओं के लिए यह बात समझना बेहद जरूरी है. बैंक लोन देते समय यह नहीं देखते कि आपकी जेब में कितना पैसा आ रहा है, बल्कि यह देखते हैं कि आपने पुराना कर्ज कितनी ईमानदारी और जिम्मेदारी से चुकाया है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। अगर आप आने वाले त्योहारी सीजन में होम लोन या कार लोन लेने की योजना बना रहे हैं, तो सबसे पहले अपने बिल चुकाने की आदतों को सुधारना जरूरी है.

सैलरी नहीं, आपकी आदतें तय करती हैं सिबिल स्कोर

कमाई और दो बिल्कुल अलग बातें हैं. सिबिल स्कोर आपकी कमाई की क्षमता को नहीं, बल्कि कर्ज वापस लौटाने के आपके तरीके को आंकता है. भारीभरकम सैलरी पाने वाला शख्स भी अगर बिल भरने में देरी करता है, कार्ड की पूरी लिमिट खत्म कर देता है या जिसने कभी कोई लोन नहीं लिया, उसका स्कोर काफी खराब हो सकता है.

दूसरी तरफ, कम सैलरी वाला कर्मचारी भी अगर अनुशासित रहकर हर बिल टाइम पर भरता है, तो उसका क्रेडिट स्कोर बेहतरीन हो सकता है. आसान शब्दों में कहें तो क्रेडिट स्कोर आपकी सैलरी को नहीं, आपकी वित्तीय आदतों को ट्रैक करता है.

क्रेडिट स्कोर तय करने वाले 4 पिलर

बैंक या क्रेडिट ब्यूरो आपका स्कोर तय करते समय आपकी इनकम पर ध्यान भी नहीं देते. वे केवल इन 4 बातों को देखते हैं.

पेमेंट का तरीका : अपने सभी और कार्ड के बिल तय तारीख से पहले भरें. सिर्फ 1 दिन की देरी भी आपके स्कोर को 20 से 50 प्वाइंट नीचे गिरा सकती है.

क्रेडिट यूटिलाइजेशन : आपको मिली कुल क्रेडिट लिमिट में से आप कितना खर्च करते हैं. इसे हमेशा 30% से कम रखना सबसे सही माना जाता है.

क्रेडिट हिस्ट्री : आपके पुराने क्रेडिट कार्ड या लोन अकाउंट कितने पुराने हैं. पुराने कार्ड बंद करने से आपकी क्रेडिट हिस्ट्री छोटी हो जाती है, जिससे स्कोर कम हो सकता है.

क्रेडिट मिक्स और नई अर्जियां : आपके पास सिक्योर्ड और अनसिक्योर्ड का सही बैलेंस होना चाहिए. साथ ही, बारबार नए लोन के लिए अप्लाई करने से बचें.

कार्ड की पूरी लिमिट खर्च करने से बचें

अगर बैंक ने आपको 2 लाख की लिमिट दी है, तो इसका मतलब यह नहीं कि आप पूरा पैसा खर्च कर दें. लगातार लिमिट का 80% या 90% हिस्सा इस्तेमाल करने से बैंक आपको ‘कर्ज पर ज्यादा निर्भर’ मानने लगते हैं. अगर आपकी लिमिट 1 लाख है, तो महीने में 30 हजार से ज्यादा खर्च न करें.

आपके काम की बात

कम ब्याज पर लोन: 750 से ऊपर स्कोर होने पर बैंकों से होम या कार लोन पर 0.50% से 1% तक कम ब्याज मिलता है, जिससे लाखों रुपये की बचत होती है.

लोन रिजेक्ट होने से बचाव: सिर्फ भारी सैलरी के दम पर अप्लाई करने से लोन खारिज हो सकता है.

सुधार का मौका: ब्यूरो हर 30 से 45 दिनों में डेटा अपडेट करते हैं. अगर आप आज से सही समय पर भुगतान शुरू कर दें, तो 3 से 6 महीने में स्कोर काफी सुधर जाएगा.