
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार के बैंक खातों से लगभग 590 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चंडीगढ़ में 19 ठिकानों पर छापेमारी शुरू की है। अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई हाल ही में सामने आए आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की चंडीगढ़ शाखा से जुड़े धोखाधड़ी मामले में की जा रही है। इससे पहले इसी मामले में सोमवार देर शाम सेक्टर-32 ब्रांच की डीलिंग हेड प्रियंका और पूर्व डीलिंग हेड अनुज कौशल को गिरफ्तार किया था। दोनों से लंबी पूछताछ के बाद यह कार्रवाई की गई है।
ईडी के अधिकारियों ने बताया कि जांच एजेंसी मनी ट्रेल और अपराध से अर्जित संपत्ति (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) का पता लगाने के लिए यह तलाशी अभियान चला रही है। जांच में सामने आया है कि हरियाणा सरकार की विभिन्न एजेंसियों द्वारा करीब 590 करोड़ रुपये की राशि आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में जमा कराई गई थी।
बताया जा रहा है कि यह राशि फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) में जमा की जानी थी, लेकिन आरोप है कि संबंधित आरोपियों ने इन पैसों को एफडी में जमा करने के बजाय अपने निजी उपयोग के लिए दूसरी जगह डायवर्ट कर दिया।
अधिकारियों के मुताबिक, ईडी की टीमें चंडीगढ़ में अलग-अलग स्थानों पर दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं ताकि इस पूरे घोटाले में शामिल लोगों की भूमिका और पैसे के इस्तेमाल का पूरा पता लगाया जा सके। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। जांच एजेंसी मामले से जुड़े अन्य आरोपियों और संभावित लाभार्थियों की भी पहचान करने में जुटी हुई है।
ईडी ने कहा कि तलाशी अभियान के दौरान मिले दस्तावेजों और सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है।






