इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक अधिवक्ता के साथ कथित अपमानजनक व्यवहार को लेकर विवाद बढ़ गया है. नाराज अधिवक्ताओं ने कोर्ट नंबर 49 में तोड़फोड़ की और हाईकोर्ट के बाहर नारेबाजी की. वकीलों ने इस घटना को अधिवक्ताओं की गरिमा से जुड़ा मामला बताते हुए विरोध शुरू कर दिया है. हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने भी मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है.

जानकारी के मुताबिक, मंगलवार 27 अक्टूबर को एक जिले के पुलिस अधीक्षक हाईकोर्ट में पेशी के लिए पहुंचे थे. उस दौरान कोर्ट नंबर 49 में जस्टिस अजय भनोट की अदालत में अधिकारियों के बैठने के लिए आगे की पंक्ति में कुर्सी रखी गई थी. आरोप है कि एसपी सरकारी अधिवक्ता की कुर्सी पर बैठ गए. इस पर एक अधिवक्ता ने उन्हें दूसरी पंक्ति में बैठने के लिए कहा.

अधिवक्ता को जेल भेजने के आदेश से बढ़ा तनाव

बताया जा रहा है कि न्यायमूर्ति के अदालत में आने के बाद एसपी ने इस बात की शिकायत की. आरोपों के मुताबिक, शिकायत के बाद जस्टिस अजय भनोट ने संबंधित अधिवक्ता को जेल भेजने का आदेश दिया. अधिवक्ता के माफी मांगने के बाद उनसे एसपी से भी माफी मांगने को कहा गया. इस घटनाक्रम से अदालत में मौजूद वकील नाराज हो गए. अधिवक्ताओं ने यह आरोप भी लगाया कि वरिष्ठ अधिवक्ता बीपी श्रीवास्तव का मजाक उड़ाया गया.

बार एसोसिएशन ने चीफ जस्टिस को लिखा पत्र

हालांकि, इन आरोपों और घटनाक्रम के सभी पहलुओं की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है. मामले को लेकर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. सीपी उपाध्याय और महासचिव संतोष कुमार मिश्रा ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। अधिवक्ताओं ने विरोध स्वरूप अदालत के बहिष्कार का ऐलान भी किया है.

विवाद के बाद नाराज वकीलों ने कोर्ट रूम में तोड़फोड़ की और हाईकोर्ट परिसर के बाहर नारेबाजी की. फिलहाल, इस मामले में आगे की कार्रवाई और प्रशासनिक स्तर पर होने वाले फैसलों पर नजर बनी हुई है.