Tuesday, March 24, 2026
Ayurveda

बवासीर जैसी पीड़ादायक समस्या का आयुर्वेदिक इलाजएकˈ बार पोस्ट को ज़रूर पढ़ें और शेयर करना ना भूलेˌ

बवासीर जैसी पीड़ादायक समस्या का आयुर्वेदिक इलाजएकˈ बार पोस्ट को ज़रूर पढ़ें और शेयर करना ना भूलेˌ
बवासीर जैसी पीड़ादायक समस्या का आयुर्वेदिक इलाजएकˈ बार पोस्ट को ज़रूर पढ़ें और शेयर करना ना भूलेˌ

आज के समय में बवासीर की बीमारी अधिक लोगों में पाई जाती है । यह रोग ज्यादा भयंकर नही होता परन्तु अधिक कष्टदायक होता है । बवासीर का रोग होने पर मनुष्य अधिक चिन्तित होने लगता है । जिनसे उनका स्वास्थ्य और अधिक अस्वस्थ होने लगता है । इसी कारण वे अपना इलाज सही रूप से नही कर पाते है । ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। लेकिन आयुर्वेद ने इस बीमारी को जड़ से ख़त्म करने के लिए कुछ घरेलू उपाय बताये है । यह उपाए हर व्यक्ति के लिए बिल्कुल सरल और सस्ता है । और आसानी से भी किया जा सकता है ।
उपचार :-
बवासीर की बीमारी में मूली बहुत ही लाभदायक होती है । मूली का प्रयोग करके बवासीर की बीमारी को ठीक किया जा सकता है । इस रोग में अगर व्यक्ति का खून गिरता है तो रोगी को कच्ची मूली में थोड़ा सा नींबू का रस निचोड़कर उसमे काला नमक और काली मिर्च लगाकर रोगी को १० दिन तक इसका सेवन करने से बवासीर की बीमारी ठीक हो जाती है |या फिर और जल्दी लाभ पाने के लिए एक कप मूली का रस निकालकर इसमें कम से कम दो चम्मच देसी घी डालकर मिलाये । और रोजाना बासी मुँह इसका सेवन करने से किसी भी प्रकार का बवासीर रोग १० ही दिनों में ठीक हो जायेगा ।
बवासीर का लौकी से उपचार :-
कुछ लौकी के पत्तों को लेकर इन पत्तों को किसी वस्तु से पीसकर बारीक़ करके मलहम के समान तैयार कर ले । और इस मलहम को रोग वाले स्थान पर रोजाना लगाने से बवासीर का रोग ख़त्म हो जाता है ।
तिल से बवासीर का उपचार :-
बवासीर के रोग को ठीक करने के लिए तिल का भी बहुत उपयोग किया जाता है । ५० ग्राम की मात्रा में काले तिल को रोजाना सुबह और शाम खाने के बाद २५० ग्राम दही अवश्य खाए । इस क्रिया को लगातार दो सप्ताह तक करने से बवासीर की बीमारी जल्द ही ठीक हो जाती है ।
चने के द्वारा बवासीर का उपचार :-
इस रोग को ठीक करने के लिए चना भी अधिक फायदेमंद होता है । १०० की मात्रा में चने को भूनकर या सेकर एक दिन में कम से कम तीन बार सेवन करने से बवासीर का रोग तो ठीक होता ही है । साथ ही खूनी बवासीर भी ठीक हो जाता है । यह उपचार बिल्कुल सरल और सस्ता है तथा अपने घर में बड़ी आसानी किया जा सकता है ।
ईसबगोल से बवासीर का इलाज :-
ईसबगोल एक प्रकार की भूसी का नाम है जो आम दुकानों में बड़ी ही आसानी से मिल जाता है । इस भूसी का उपयोग एक गिलास गर्म दूध में १० ग्राम भूसी मिलाकर एक दिन में दो से तीन बार पीने से बवासीर का रोग जड़ से ख़त्म हो जाता है ।
पपीते से उपचार :-
पपीता बीमार व्यक्ति के लिए बहुत ही लाभदायक होता है । इसलिए इसका उपयोग इस रोग को ठीक करने के लिए भी जाता है । कम से कम २५० ग्राम पपीते को ख़रीदे और इसे छीलकर इसके हिस्से बनाकर इसमें पीसी हुई काली मिर्च , काला नमक और नींबू का रस निचोड़कर खाने से बवासीर का रोग ठीक हो जाता है । तथा पपीते का उपयोग करने से शरीर में हुए और दूसरे रोग भी ठीक हो जाते है ।

नोट :- बवासीर का रोग होने पर रोगी को ठन्डे पदार्थो का सेवन अधिक से अधिक करना चाहिए । और गर्म पदाथों का उपयोग कम से कम करना चाहिए ।

me.sumitji@gmail.com

Leave a Reply