Thursday, February 12, 2026
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एक और मुस्लिम देश ने बनाया एटम बम, ईरान के पूर्व कमांडर का सनसनीखेज दावा, क्या पाकिस्तान ने फिर लीक किया परमाणु सीक्रेट?

एक और मुस्लिम देश ने बनाया एटम बम, ईरान के पूर्व कमांडर का सनसनीखेज दावा, क्या पाकिस्तान ने फिर लीक किया परमाणु सीक्रेट?
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर के एक पूर्व वरिष्ठ कमांडर ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए दावा किया है कि सऊदी अरब के पास पहले से ही परमाणु हथियार हैं और अमेरिका और इज़राइल दोनों को इसकी जानकारी है। हुसैन कनानी ने ये बातें एक साक्षात्कार में ऐसे समय कही हैं जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम और मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति के विस्तार को लेकर क्षेत्रीय तनाव चरम पर है। कनानी ने अमेरिका और इज़राइल की खुफिया एजेंसियों पर ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों को समर्थन देने का भी आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी अमेरिकी सैन्य हमले से तेहरान की ओर से अपरंपरागत प्रतिक्रिया हो सकती है, जिसमें इज़राइल के खिलाफ कार्रवाई या होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के आवागमन में बाधा डालना शामिल हो सकता है। इन दावों से यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या पाकिस्तान ने ही रियाद को परमाणु हथियार विकसित करने में मदद करने के लिए अपने परमाणु कार्यक्रम की जानकारी लीक की थी, खासकर तब जब दोनों देशों ने हाल ही में एक रक्षा समझौता किया है। 

सऊदी अरब की परमाणु क्षमता को लेकर दावे

कनानी ने दावा किया कि भले ही सऊदी अरब खुद को दुनिया के सामने परमाणु-मुक्त देश के रूप में पेश करता है, लेकिन वास्तविकता इससे अलग है। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब दुनिया को दिखाता है कि वह परमाणु-मुक्त देश है, लेकिन सच्चाई इसके बिल्कुल उलट है। यह एक परमाणु देश है।” उन्होंने आगे कहा कि ईरान, अमेरिका और इज़राइल इस बात से वाकिफ हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर सऊदी अरब, अमेरिका और इज़राइल के बीच बातचीत हुई थी। उनके अनुसार, वाशिंगटन ने सऊदी अरब की परमाणु क्षमता को अनौपचारिक रूप से मंजूरी देने के लिए इज़राइल को मान्यता देने जैसी शर्तें रखी थीं।

अब्राहम समझौतों में सऊदी अरब की परमाणु स्थिति की जानकारी 

ईरान की ग्रीन पार्टी से जुड़े कनानी ने दावा किया कि इज़राइल और कई अरब देशों के बीच हुए ऐतिहासिक अब्राहम समझौतों में सऊदी अरब की परमाणु स्थिति की जानकारी शामिल थी। ईरानी खुफिया जानकारी का हवाला देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि एक समझौता हुआ था जिसके तहत सऊदी अरब को अब्राहम समझौतों पर हस्ताक्षर करने के बदले परमाणु हथियारों के मामले में छूट दी जाएगी, हालांकि उन्होंने कहा कि ये बातचीत अंततः आगे नहीं बढ़ी। सऊदी अरब के पास आधिकारिक तौर पर परमाणु हथियार नहीं हैं, लेकिन उसने कई मौकों पर संकेत दिया है कि अगर ईरान परमाणु बम हासिल कर लेता है तो वह परमाणु क्षमता हासिल करने का इरादा रखता है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। सऊदी अरब परमाणु हथियारों से लैस पाकिस्तान के साथ रणनीतिक संबंध भी बनाए रखता है, जिसमें एक कथित समझौता भी शामिल है कि एक पर हमला दूसरे पर हमला माना जाएगा। हाल ही में अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने एक साक्षात्कार में कहा कि अगर ईरान परमाणु बम बनाता है, तो सऊदी अरब अगले ही दिन परमाणु हथियार संपन्न देश बन सकता है, जो संभावित क्षेत्रीय हथियारों की होड़ के बारे में चल रही चिंताओं को रेखांकित करता है।
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