Friday, February 13, 2026
Business

एयर सेफ्टी में चूक! नियमों की अनदेखी पड़ी भारी, DGCA ने एयर इंडिया पर ठोका ₹1,00,00,000 का फाइन!..

एयर सेफ्टी में चूक! नियमों की अनदेखी पड़ी भारी, DGCA ने एयर इंडिया पर ठोका ₹1,00,00,000 का फाइन!..
एयर सेफ्टी में चूक! नियमों की अनदेखी पड़ी भारी, DGCA ने एयर इंडिया पर ठोका ₹1,00,00,000 का फाइन!..

DGCA Strict Action Against Air India : दुनिया में हवाई यात्रा को आमतौर पर सबसे सुरक्षित और तेज साधन माना जाता है और हम इस भरोसे के साथ विमान में बैठकर हजारों फीट ऊपर उड़ान भरते हैं, क्योंकि हमें यकीन होता है कि एविएशन कंपनियां सभी सुरक्षा मानकों का पालन करती हैं. लेकिन आप कल्पना कीजिए. अगर जिस विमान में आप सफर कर रहे हों. उसे उड़ान की अनुमति ही न मिली हो, तो स्थिति कितनी चिंताजनक हो सकती है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। ये कोई कल्पना नहीं, बल्कि देश की दूसरी सबसे बड़ी एयरलाइन एयर इंडिया से जुड़ा वास्तविक मामला है. डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने एयर इंडिया पर बिना वैलिड एयरवर्थनेस सर्टिफिकेट के एयरक्राफ्ट पर उड़ानें ऑपरेट करने के लिए 1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है. सूत्रों का कहना है कि एविएशन रेगुलेटर ने इस गंभीर गलती के लिए इंजीनियरिंग के कुछ पोस्ट होल्डर्स को हटाने का भी निर्देश दिया है.

DGCA ने 2 दिसंबर 2025 को इस गलती पर एक बयान जारी किया था. डेलीगेटेड अथॉरिटी के तहत एयर इंडिया अपने ऑपरेट किए जाने वाले एयरक्राफ्ट के लिए ‘एयरवर्थनेस रिव्यू सर्टिफिकेट’ (ARC) जारी करता है. ARC हर साल किसी एयरक्राफ्ट के मेंटेनेंस रिकॉर्ड, फिजिकल कंडीशन और सभी एयरवर्थनेस स्टैंडर्ड्स के कम्प्लायंस के वेरिफिकेशन के बाद जारी किया जाता है.

बिना परमिट उड़ा एयर इंडिया
2024 में DGCA ने एयरलाइन के एयर इंडिया में मर्ज होने के बाद विस्तारा के 70 एयरक्राफ्ट के लिए पहला ARC रिन्यूअल करने का फैसला किया था. 69 एयरक्राफ्ट के लिए ARC जारी किया गया था. लेकिन एक एयरबस A320 (VT-TQN) का सर्टिफिकेट जारी नहीं किया गया और फिर इंजन बदलने के लिए उसे ग्राउंड कर दिया गया. लेकिन इंजन बदलने के बाद और बिना ARC के एयर इंडिया ने एयरक्राफ्ट को उड़ान के लिए रिलीज कर दिया.

1 करोड़ रुपये का जुर्माना
DGCA ने बताया कि अब ये जांच अब पूरी हो गई है और एयर इंडिया पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है. साथ ही इंजीनियरिंग से कुछ पॉटहोल्डर्स को हटाने का आदेश दिया गया है. इसके बाद उसने एयर इंडिया से अपने सिस्टम में कमियों की पहचान करने के लिए इंटरनल जांच करने और भविष्य में ऐसी खराबी को रोकने के लिए सुधार के उपाय करने के लिए कहा था.

पिछले साल दिसंबर में एयर इंडिया ने इस मामले पर एक बयान जारी किया था जिसमें कहा गया था कि एयर इंडिया ऑपरेशनल इंटेग्रिटी और सेफ्टी के सबसे ऊंचे स्टैंडर्ड बनाए रखने के अपने कमिटमेंट पर अडिग है और जरूरी कंप्लायंस प्रोटोकॉल से कोई भी बदलाव बहुत गंभीरता से लिया जाएगा और ऑर्गनाइजेशन को मंजूर नहीं है. एयर इंडिया ने ये भी कहा है कि हमें इंटरनल जांच शुरू कर दी है.

me.sumitji@gmail.com

Leave a Reply